इजराइल के अस्तित्व पर ट्रंप का बड़ा बयान: ‘मेरे बिना इजराइल नहीं होता’, नेतन्याहू के सैन्य अभियान पर जताई असहमति

एवियन (फ्रांस), 17 जून (वेब वार्ता)। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने फ्रांस में आयोजित जी-7 शिखर सम्मेलन के दौरान इजराइल को लेकर तीखी टिप्पणी की है।

ट्रंप ने दावा किया कि अमेरिका और उनके व्यक्तिगत हस्तक्षेप के बिना इजराइल का अस्तित्व खतरे में पड़ गया होता। उन्होंने कहा कि पूर्ववर्ती ओबामा प्रशासन की ईरान नीति गलत थी, जिसे उन्होंने सत्ता में आने के बाद बदलकर इजराइल की सुरक्षा को प्राथमिकता दी।

नेतन्याहू के रुख पर असंतोष
इजराइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के साथ अपने संबंधों को ‘अविश्वसनीय’ बताते हुए भी ट्रंप ने लेबनान मामले में उनकी कार्यशैली पर असंतोष जताया है। ट्रंप ने कहा कि वे इजराइल द्वारा लेबनान और हिज़्बुल्लाह के खिलाफ अपनाई गई रणनीति से खुश नहीं हैं और उनका मानना है कि इस मामले को बहुत पहले ही तेजी से सुलझा लिया जाना चाहिए था।

समझौते और युद्ध पर संकट
वर्तमान में अमेरिका और ईरान के बीच हुए एक गुप्त समझौते को लेकर इजराइल और अमेरिका के बीच मतभेद उभरकर सामने आए हैं। जहां ईरान लेबनान से इजराइली सेना की पूर्ण वापसी की शर्त पर अड़ा है, वहीं नेतन्याहू ने सैन्य कार्रवाई जारी रखने का संकेत दिया है।

ट्रंप का मानना है कि लेबनान का यह खींचता हुआ संघर्ष ईरान के साथ हुई बड़ी डील के भविष्य के लिए घातक साबित हो सकता है।