US-ईरान शांति समझौते पर दुनिया ने जताई खुशी: इसे क्षेत्र में स्थिरता और आर्थिक विकास के लिए बड़ी कूटनीतिक जीत बताया गया
दोहा, 15 जून (वेब वार्ता)। अमेरिका और ईरान के बीच हुए ऐतिहासिक शांति समझौते का दुनिया भर में स्वागत किया गया है।
कतर, तुर्की, ब्रिटेन, जर्मनी और फ्रांस जैसे देशों ने इसे पश्चिम एशिया में स्थिरता बहाल करने और होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलने की दिशा में एक बड़ी कूटनीतिक सफलता करार दिया है।
विश्व नेताओं ने इस कदम को वैश्विक अर्थव्यवस्था को गति देने और क्षेत्र में व्याप्त महीनों से चले आ रहे संघर्षपूर्ण माहौल को समाप्त करने के लिए अनिवार्य बताया है।
पाकिस्तान और मध्यस्थों की भूमिका की सराहना
इस शांति समझौते को मूर्त रूप देने में पाकिस्तान के नेतृत्व वाली मध्यस्थता की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रशंसा हुई है। कतर और तुर्की ने तनाव कम करने में सभी क्षेत्रीय स्टेकहोल्डर्स के प्रयासों को सराहा है।
तुर्की के राष्ट्रपति एर्दोगन ने उम्मीद जताई कि यह समझौता क्षेत्र में स्थाई शांति और सुरक्षा का मार्ग प्रशस्त करेगा। वहीं, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने समझौते की पुष्टि करते हुए इसे दुनिया के लिए एक बड़ी राहत और सकारात्मक बदलाव की शुरुआत बताया है।
आर्थिक और समुद्री सुरक्षा पर विशेष जोर
ब्रिटेन और फ्रांस ने समझौते के तहत होर्मुज जलडमरूमध्य को बिना किसी शर्त के खोलने पर विशेष बल दिया है। ब्रिटिश प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर ने कहा कि समुद्री सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए अंतरराष्ट्रीय समुदाय हर संभव सहयोग देगा।
इसके साथ ही, फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने जोर देकर कहा कि अब ईरान के परमाणु कार्यक्रम और क्षेत्रीय सुरक्षा चिंताओं पर व्यापक बातचीत शुरू होनी चाहिए। इस समझौते से वैश्विक व्यापार और समुद्री यातायात के फिर से सुचारू होने की बड़ी उम्मीद जगी है।
