ऐतिहासिक शांति समझौता: अमेरिका-ईरान तनाव खत्म होने से क्रूड ऑयल की कीमतों में बड़ी गिरावट
वाशिंगटन, 15 जून (वेब वार्ता)। अमेरिका और ईरान के बीच 107 दिनों से जारी तनाव के बाद शांति समझौते की घोषणा ने वैश्विक ऊर्जा बाजार को पूरी तरह बदल दिया है।
इस ऐतिहासिक समझौते के प्रभाव से कच्चे तेल की कीमतों में 4 प्रतिशत से अधिक की बड़ी गिरावट दर्ज की गई है। वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) क्रूड गिरकर 81.15 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया है, जबकि ब्रेंट क्रूड भी 84 डॉलर के स्तर से नीचे फिसल गया है।
आपूर्ति में सुधार और वैश्विक राहत
इस शांति पहल के तहत होर्मुज जलडमरूमध्य को सभी वाणिज्यिक जहाजों के लिए बिना किसी शुल्क के खोलने और अमेरिकी नौसैनिक नाकेबंदी हटाने का निर्णय लिया गया है।
तेल आपूर्ति ठप होने की अटकलों पर विराम लगने से न केवल अंतरराष्ट्रीय बाजारों को राहत मिली है, बल्कि एशियाई शेयर बाजारों में भी निवेशकों का भरोसा बढ़ा है। इस सुधार से उम्मीद जताई जा रही है कि वैश्विक स्तर पर महंगाई के दबाव में कमी आएगी और अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।
भारत में पेट्रोल-डीजल की कीमतों पर प्रभाव
तेल की कीमतों में आई इस वैश्विक गिरावट के बाद भारत में पेट्रोल और डीजल की दरों में कमी की उम्मीदें तेज हो गई हैं। हालांकि, भारतीय बाजार पर इसका सीधा असर सरकारी नीति और आयात लागत पर निर्भर करेगा।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने इस समझौते को वैश्विक सुरक्षा के लिए एक बड़ा कदम बताया है। यदि यह शांति बनी रहती है, तो भारत सहित कई देशों को कच्चे तेल के सस्ते आयात से बड़ी राहत मिल सकती है।
