सूरत : पोर्ट पर फंसे पॉलिएस्टर एफडीवाय यार्न के कंटेनरों की आज से होगी रिहाई
गुजरात हाई कोर्ट के आदेश के बाद कस्टम विभाग ने दी मंजूरी, एसजीसीसीआई की पहल से टेक्सटाइल उद्योग को मिली बड़ी राहत
सूरत। गुजरात के विभिन्न बंदरगाहों पर लंबे समय से रुके पॉलिएस्टर एफडीवाय यार्न के कंटेनरों को आज से रिलीज़ किए जाने का मार्ग प्रशस्त हो गया है।
गुजरात हाई कोर्ट द्वारा अंतरिम रोक हटाए जाने के बाद कस्टम विभाग ने कंटेनरों की रिहाई को मंजूरी दे दी है। इस संबंध में सदर्न गुजरात चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (एसजीसीसीआई) और कस्टम विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के बीच हुई महत्वपूर्ण बैठक में निर्णय लिया गया।
जानकारी के अनुसार, भारत सरकार द्वारा जारी ऑर्डर संख्या 5134(E) के माध्यम से पॉलिएस्टर एफडीवाय यार्न पर लागू क्वालिटी कंट्रोल ऑर्डर (QCO) को निरस्त कर दिया गया था। इस निर्णय को मेसर्स ओरिलॉन कंपनी ने गुजरात हाई कोर्ट में विशेष सिविल आवेदन (SCA) संख्या 16973/2025 के माध्यम से चुनौती दी थी।
मामले की सुनवाई के दौरान हाई कोर्ट ने 6 अप्रैल 2026 को सरकार के आदेश पर अंतरिम रोक लगा दी थी, जिसके चलते आयातित यार्न के कंसाइनमेंट विभिन्न बंदरगाहों पर रोक दिए गए थे।
बाद में भारत सरकार ने इस आदेश के खिलाफ लेटर्स पेटेंट अपील (LPA) संख्या 419 दायर की। अपील पर सुनवाई के पश्चात गुजरात हाई कोर्ट ने अपने मौखिक आदेश में पूर्व में लगाई गई अंतरिम रोक को हटा दिया, जिससे पॉलिएस्टर एफडीवाय यार्न सहित उससे जुड़े सभी उप-उत्पादों पर लगी बाधाएं समाप्त हो गईं।
हाई कोर्ट के आदेश के बाद एसजीसीसीआई ने टेक्सटाइल उद्योग के हित में तत्काल पहल की। चैंबर के अध्यक्ष अशोकभाई जीरावाला ने क्लियरेंस फैसिलिटेशन कमेटी (CCFC) के माध्यम से गुजरात के प्रिंसिपल चीफ कमिश्नर ऑफ कस्टम्स प्रणेश पाठक, कमिश्नर ऑफ कस्टम्स मनीष कुल्हारी तथा अतिरिक्त आयुक्त राम विश्नोई के साथ ऑनलाइन बैठक की।
बैठक में यह निर्णय लिया गया कि गुजरात के विभिन्न बंदरगाहों पर रुके हुए पॉलिएस्टर एफडीवाय यार्न तथा उसके सभी उप-समूहों के कंटेनरों को तत्काल प्रभाव से रिलीज़ करने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। साथ ही कस्टम विभाग ने पीओवाय यार्न के कंटेनरों को भी शीघ्र मंजूरी देकर रिलीज़ करने का आश्वासन दिया।
टेक्सटाइल उद्योग के लिए यह निर्णय अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि लंबे समय से करोड़ों रुपये मूल्य का कच्चा माल बंदरगाहों पर अटका हुआ था, जिससे उत्पादन गतिविधियां प्रभावित हो रही थीं। कंटेनरों की रिहाई से उद्योग को कच्चे माल की आपूर्ति सुचारु रूप से मिलने लगेगी और उत्पादन चक्र को गति मिलेगी।
एसजीसीसीआई के अध्यक्ष अशोकभाई जीरावाला ने इस समस्या के त्वरित समाधान के लिए कस्टम विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह निर्णय सूरत सहित पूरे गुजरात के टेक्सटाइल उद्योग के लिए बड़ी राहत साबित होगा।
