सूरत : ‘जन कल्याण शिविर’ का शुभारंभ, लाभार्थियों को योजनाओं का मिला सीधा लाभ
विधानसभा के उपाध्यक्ष पूर्णेश मोदी और मेयर मायाबेन मावाणी की उपस्थिति में रांदेर से हुई शुरुआत, ‘विकसित भारत 2047’ के संकल्प को साकार करने का आह्वान
सूरत। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में जनविश्वास, विकास और जनकल्याण के 12 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में सूरत महानगरपालिका द्वारा रांदेर जोन से शहरी ‘जन कल्याण शिविर’ की शुरुआत की गई।
नवयुग कॉलेज में आयोजित इस शिविर में विधानसभा के उपाध्यक्ष पूर्णेश मोदी और सूरत की महापौर मायाबेन मावाणी विशेष रूप से उपस्थित रहे। शिविर में विभिन्न सरकारी योजनाओं के लाभार्थियों को स्वीकृति पत्र, किट एवं अन्य सहायता सामग्री वितरित की गई।
कार्यक्रम में सांसद मुकेश दलाल तथा विधायक मुकेश पटेल सहित जनप्रतिनिधियों और बड़ी संख्या में नागरिकों ने भाग लिया।
इस अवसर पर पूर्णेश मोदी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश ने पिछले 12 वर्षों में विकास और जनकल्याण के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की हैं।
उन्होंने कहा कि जनधन योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना, आयुष्मान भारत, जल जीवन मिशन, किसान सम्मान निधि, मुद्रा योजना, स्टार्टअप इंडिया और उज्ज्वला योजना जैसी पहलों ने करोड़ों लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाया है।
उन्होंने नागरिकों से आह्वान किया कि वर्ष 2047 तक ‘विकसित भारत’ और ‘विकसित गुजरात’ के निर्माण के लिए सभी को मिलकर योगदान देना होगा।
महापौर मायाबेन मावाणी ने कहा कि राज्य सरकार और सूरत महानगरपालिका प्रधानमंत्री के विकसित भारत के विजन को साकार करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। इसी उद्देश्य से जन कल्याण शिविरों का आयोजन किया जा रहा है, ताकि सरकारी योजनाओं का लाभ सीधे पात्र नागरिकों तक पहुंच सके।
उन्होंने कहा कि प्रशासन की कोशिश है कि सरकारी सेवाएं और योजनाएं लोगों के दरवाजे तक पहुंचें तथा समाज के वंचित और जरूरतमंद वर्गों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ा जा सके।
कार्यक्रम में स्टैंडिंग कमेटी के अध्यक्ष राजनभाई पटेल, सत्तापक्ष नेता अल्पाबेन मेहता, दंडक उर्मिलाबेन त्रिपाठी, शहर संगठन अध्यक्ष परेश पटेल, नगर निगम के अधिकारी, जनप्रतिनिधि, लाभार्थी तथा बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित रहे।
शिविर के दौरान विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी देने के साथ-साथ पात्र लाभार्थियों को मौके पर ही योजनाओं का लाभ प्रदान किया गया। आयोजकों के अनुसार, ऐसे शिविरों का उद्देश्य सरकारी योजनाओं की पहुंच बढ़ाना और अधिक से अधिक नागरिकों को लाभान्वित करना है।
