सूरत : नासीरनगर ‘रहस्यमयी तोड़फोड़’ मामले की होगी जांच, स्टैंडिंग कमेटी चेयरमैन ने मांगी रिपोर्ट
मीडिया में मामला उछलने के बाद हरकत में आया मनपा प्रशासन, सीमांकन के लिए गई थी टीम; तोड़फोड़ किसने की, इसकी होगी पड़ताल
सूरत: कतारगाम क्षेत्र के नासीरनगर में कथित रहस्यमयी तोड़फोड़ का मामला पूरे शहर में चर्चा का विषय बन गया है। मीडिया में लगातार खबरें सामने आने के बाद अब सूरत महानगरपालिका प्रशासन सक्रिय हुआ है।
मामले को गंभीरता से लेते हुए मनपा की स्टैंडिंग कमेटी के चेयरमैन राजन पटेल ने नगर आयुक्त को पूरे घटनाक्रम की विस्तृत जांच कराने के निर्देश दिए हैं।
राजन पटेल ने स्पष्ट किया कि महानगरपालिका की टीम संबंधित स्थान पर केवल सीमांकन (डिमार्केशन) का कार्य करने गई थी। उनके अनुसार, मनपा की ओर से किसी प्रकार की तोड़फोड़ नहीं की गई थी।
प्रशासन ने केवल सीमांकन प्रक्रिया के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस बल उपलब्ध कराने का अनुरोध किया था। ऐसे में वास्तविक तोड़फोड़ किसने की और किन परिस्थितियों में की गई, यह अब जांच का विषय है।
उन्होंने बताया कि संबंधित सीमांकन रेखा वर्ष 1980 में निर्धारित की गई थी। वर्तमान में उसकी स्थिति क्या है और उसके आधार पर की गई कार्रवाई कितनी उचित थी, इसकी भी जांच कराई जाएगी। इस संबंध में मनपा के वरिष्ठ अधिकारियों को विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।
कटारगाम जोन की सीमा में आने वाले क्षेत्र में सेंट्रल जोन द्वारा सीमांकन कार्य किए जाने के सवाल पर राजन पटेल ने कहा कि कई बार चौराहों और सीमा क्षेत्रों में यह स्पष्ट रूप से तय करना कठिन होता है कि कोई संपत्ति किस जोन के अधिकार क्षेत्र में आती है। इसलिए पूरे मामले की तथ्यात्मक जांच आवश्यक है।
मनपा प्रशासन अब इस रहस्यमयी तोड़फोड़ के पीछे जिम्मेदार व्यक्तियों या परिस्थितियों का पता लगाने में जुट गया है। जांच रिपोर्ट सामने आने के बाद आवश्यकतानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
