सूरत : प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन से सूरत ने विकास की नई ऊंचाइयों को छुआ : सी.आर. पाटिल
विश्व पर्यावरण दिवस कार्यक्रम में केंद्रीय जल शक्ति मंत्री ने गिनाईं सूरत की उपलब्धियां, जल संरक्षण और दीर्घकालिक जल प्रबंधन योजनाओं को बताया विकास का आधार
सूरत। विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सी.आर. पाटील ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के प्रति सूरतवासियों के विशेष लगाव का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री का सूरत और यहां के नागरिकों से गहरा भावनात्मक संबंध रहा है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन और सहयोग से सूरत ने विकास के अनेक नए आयाम स्थापित किए हैं।
सी.आर. पाटिल ने कहा कि जब नरेंद्र मोदी गुजरात के मुख्यमंत्री थे, तब तापी नदी के शुद्धिकरण के लिए लगभग 900 करोड़ रुपये की सहायता प्रदान कर शहर के पर्यावरण और आधारभूत विकास को नई दिशा दी गई थी। उन्होंने इसे सूरत के विकास इतिहास का महत्वपूर्ण पड़ाव बताया।
उन्होंने कहा कि सूरत देश का ऐसा अग्रणी शहर है, जिसे केंद्र और राज्य सरकारों के सहयोग से अगले 50 वर्षों की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए लगभग 1,000 करोड़ रुपये की लागत वाली दीर्घकालिक जल आपूर्ति योजना का लाभ मिला है। यह योजना भविष्य की बढ़ती आबादी और जल आवश्यकताओं को पूरा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि स्वच्छता, जल प्रबंधन, आधारभूत संरचना और नागरिक सुविधाओं के क्षेत्र में सूरत ने जो उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की हैं, उनके पीछे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का सतत मार्गदर्शन और प्रेरणा रही है। उन्होंने कहा कि सूरत ने जल संरक्षण के क्षेत्र में जो पहल की है, वह देश के अन्य राज्यों के लिए भी प्रेरणास्रोत बनी है।
अपने संबोधन में उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी को याद करते हुए कहा कि अटलजी ने वर्षों पहले पानी को भविष्य की सबसे बड़ी चुनौती बताया था।
आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश जल संरक्षण और जल प्रबंधन के स्थायी समाधान की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है तथा इस क्षेत्र में ऐतिहासिक कार्य किए जा रहे हैं।
कार्यक्रम के अंत में सी.आर. पाटिल ने पर्यावरण संरक्षण और जल संरक्षण को जनआंदोलन बनाने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक भागीदारी के बिना पर्यावरण संरक्षण के लक्ष्य हासिल नहीं किए जा सकते और इस दिशा में सूरत देश के लिए एक प्रेरणादायी मॉडल के रूप में उभर रहा है।
