सूरत : शहर में अवैध घुसपैठ पर पुलिस का बड़ा एक्शन, 84 बांग्लादेशी नागरिक गिरफ्तार

261 संदिग्धों की जांच में 84 बांग्लादेशी होने की पुष्टि; फर्जी दस्तावेज, मानव तस्करी और वित्तीय नेटवर्क की जांच तेज, एक सप्ताह में डिपोर्टेशन की तैयारी

सूरत : शहर में अवैध घुसपैठ पर पुलिस का बड़ा एक्शन, 84 बांग्लादेशी नागरिक गिरफ्तार

सूरत। शहर में अवैध रूप से रह रहे विदेशी नागरिकों और घुसपैठियों के खिलाफ सूरत पुलिस द्वारा चलाए गए व्यापक संयुक्त अभियान में 84 बांग्लादेशी नागरिकों की पहचान की गई है।

पुलिस आयुक्त अनुपम सिंह गहलोत के मार्गदर्शन में क्राइम ब्रांच, स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (SOG) और स्थानीय पुलिस की टीमों ने विभिन्न संवेदनशील एवं श्रमिक बहुल क्षेत्रों में सघन तलाशी अभियान चलाकर कुल 261 संदिग्ध व्यक्तियों को हिरासत में लिया।

प्रारंभिक जांच और दस्तावेजों के सत्यापन के बाद 84 लोगों के बांग्लादेशी नागरिक होने की पुष्टि हुई है। इनमें 34 पुरुष, 29 महिलाएं और 21 बच्चे शामिल हैं। वहीं शेष संदिग्धों के दस्तावेजों और पहचान संबंधी जानकारी का सत्यापन अभी जारी है।

पुलिस के अनुसार, अभियान भेस्तान, उधना, पांडेसरा, रांदेर, अमरोली, सचिन, अठवा, कोसाड और चौक बाजार सहित उन क्षेत्रों में चलाया गया, जहां पहले भी अवैध रूप से रह रहे विदेशी नागरिकों की मौजूदगी सामने आ चुकी है।

पूछताछ में सामने आया है कि अधिकांश घुसपैठिए पश्चिम बंगाल सीमा के रास्ते भारत में प्रवेश करते थे। इसके बाद एजेंटों के नेटवर्क के माध्यम से उनके लिए कथित तौर पर फर्जी भारतीय पहचान दस्तावेज तैयार किए जाते थे। जांच एजेंसियों को जानकारी मिली है कि इन लोगों को छोटे समूहों में विभाजित कर सड़क, रेल और कुछ मामलों में हवाई मार्ग से सूरत जैसे औद्योगिक शहरों तक पहुंचाया जाता था।

पुलिस अब बरामद आधार कार्ड, राशन कार्ड और अन्य पहचान दस्तावेजों की वैधता की जांच कर रही है। साथ ही मोबाइल फोन, कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) और डिजिटल गतिविधियों का भी विश्लेषण किया जा रहा है। यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि फर्जी दस्तावेज तैयार करने और स्थानीय स्तर पर उन्हें सहयोग देने में कौन-कौन लोग शामिल थे।

जांच एजेंसियों को कुछ महिलाओं के मानव तस्करी नेटवर्क से जुड़े होने की आशंका भी है। संदिग्धों की वास्तविक पहचान और संभावित आपराधिक रिकॉर्ड की पुष्टि के लिए नेशनल ऑटोमेटेड फिंगरप्रिंट आइडेंटिफिकेशन सिस्टम (NAFIS) के माध्यम से बायोमेट्रिक सत्यापन की प्रक्रिया शुरू की गई है।

मामले के वित्तीय पहलुओं की भी गहन जांच की जा रही है। पुलिस बैंक खातों, धन हस्तांतरण और संदिग्ध वित्तीय लेन-देन की पड़ताल कर रही है। अधिकारियों को आशंका है कि जांच के दौरान अवैध धन हस्तांतरण अथवा हवाला नेटवर्क से जुड़े महत्वपूर्ण तथ्य सामने आ सकते हैं।

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, केंद्रीय खुफिया एजेंसियों, स्पेशल ब्रांच और अन्य संबंधित सुरक्षा एजेंसियों के साथ संयुक्त पूछताछ की प्रक्रिया जारी है।

आवश्यक कानूनी कार्रवाई और सत्यापन प्रक्रिया पूरी होने के बाद पुष्टि किए गए बांग्लादेशी नागरिकों को नियमानुसार उनके देश वापस भेजने की कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि शहर में अवैध रूप से रह रहे विदेशी नागरिकों के खिलाफ विशेष अभियान आगे भी जारी रहेगा।

Tags: Surat