सूरत : वराछा में बाल मज़दूरी के खिलाफ़ बड़ी कार्रवाई, 23 बच्चों को कराया गया मुक्त

हरिधाम सोसाइटी में हॉट फिक्सिंग यूनिट पर जिला टास्क फ़ोर्स की स्पेशल ड्राइव, बच्चों को CWC के समक्ष पेश किया गया

सूरत : वराछा में बाल मज़दूरी के खिलाफ़ बड़ी कार्रवाई, 23 बच्चों को कराया गया मुक्त

सूरत। बाल मज़दूरी उन्मूलन अभियान के तहत सूरत जिला टास्क फ़ोर्स ने वराछा क्षेत्र की हरिधाम सोसाइटी में विशेष अभियान चलाकर हॉट फिक्सिंग यूनिट में काम कर रहे 23 बच्चों को मुक्त कराया।

इस संयुक्त कार्रवाई में लेबर सुपरिटेंडेंट, असिस्टेंट लेबर ऑफिसर, सूरत म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन के कर्मचारी, फैक्टरी इंस्पेक्टर, जिला बाल संरक्षण विभाग (1098 चाइल्ड लाइन), AHTU, शी-टीम तथा ‘प्रयास’ संस्था के प्रतिनिधि शामिल थे।

मुक्त कराए गए 23 बच्चों में 12 लड़के और 11 लड़कियां शामिल हैं। लड़कों में 11 किशोर और 1 बाल मजदूर, जबकि लड़कियों में 8 किशोरियां और 3 बाल मजदूर शामिल हैं। सभी बच्चों की उम्र 14 से 18 वर्ष के बीच बताई गई है और वे मुख्य रूप से गुजरात तथा राजस्थान के रहने वाले हैं।

जांच में सामने आया कि ये बच्चे पिछले एक-दो महीनों से सुबह 9 बजे से शाम 6 बजे तक हॉट फिक्सिंग जैसे जोखिमभरे कार्य में लगे हुए थे। इसके बदले उन्हें प्रतिमाह 5,000 से 10,000 रुपये तक वेतन दिया जा रहा था।

अधिकारियों ने बताया कि जांच के दौरान यूनिट संचालकों के पास बच्चों की उम्र से संबंधित कोई वैध दस्तावेज या प्रमाण उपलब्ध नहीं मिला। बच्चों की सुरक्षा और मानवाधिकारों को ध्यान में रखते हुए सभी को तत्काल रेस्क्यू कर चाइल्ड वेलफेयर कमिटी (CWC) के समक्ष पेश किया गया।

फिलहाल सभी लड़कों को वी.आर. पोपावाला चिल्ड्रन्स होम, कतारगाम तथा लड़कियों को चिल्ड्रन्स होम फॉर गर्ल्स, रांदेर में सुरक्षित रखा गया है।

जिला बाल संरक्षण इकाई ने बताया कि बच्चों की आयु संबंधी दस्तावेज एकत्रित करने की प्रक्रिया जारी है। जांच पूरी होने के बाद संबंधित यूनिट संचालकों और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ बाल श्रम निषेध अधिनियम के तहत कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

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