सूरत : टेक्सटाइल इंडस्ट्री में ₹3.06 करोड़ की धोखाधड़ी, 34 व्यापारी बने शिकार
साईं दर्शन मार्केट की फर्म पर कढ़ाई का काम करवाकर भुगतान न करने का आरोप, पुलिस ने दर्ज किया मामला
सूरत । देश के प्रमुख टेक्सटाइल हब सूरत में एक बार फिर करोड़ों रुपये की धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। रिंग रोड स्थित साईं दर्शन मार्केट में संचालित जय जिन फैब नामक फर्म से जुड़े एक व्यापारी और टेक्सटाइल ब्रोकर पर 34 व्यापारियों के साथ कुल ₹3.06 करोड़ की कथित ठगी करने का आरोप लगा है। मामले को लेकर टेक्सटाइल बाजार में चिंता और हड़कंप का माहौल है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, जय जिन फैब के संचालक नितेश सावरमल अग्रवाल और कपड़ा ब्रोकर सुरेश लाल ओघनमल लखनकिया ने विभिन्न व्यापारियों से साड़ियों पर कढ़ाई और एम्ब्रॉयडरी का जॉब वर्क करवाया था। व्यापारियों ने समय पर काम पूरा कर तैयार माल सौंप दिया, लेकिन बाद में भुगतान नहीं किया गया।
शिकायत के मुताबिक मार्च 2025 से मई 2025 के बीच कई एम्ब्रॉयडरी यूनिट संचालकों और व्यापारियों को बड़े पैमाने पर जॉब वर्क के ऑर्डर दिए गए थे। शुरुआत में नियमित लेन-देन होने से व्यापारियों का भरोसा बढ़ा और उन्होंने बड़ी मात्रा में काम स्वीकार कर लिया। हालांकि, तैयार माल सौंपने के बाद भुगतान में लगातार देरी की जाने लगी।
व्यापारियों का आरोप है कि बार-बार संपर्क करने के बावजूद भुगतान नहीं किया गया। बाद में जब व्यापारी साईं दर्शन मार्केट स्थित दुकान पहुंचे तो दुकान बंद मिली और संबंधित लोगों के मोबाइल फोन भी बंद पाए गए। इसके बाद व्यापारियों को अपने साथ धोखाधड़ी होने का एहसास हुआ।
जांच में सामने आया है कि इस मामले में कुल 34 व्यापारियों की रकम फंसी हुई है। एम्ब्रॉयडरी जॉब वर्क के बदले करीब ₹3.06 करोड़ से अधिक की राशि बकाया बताई जा रही है। इस घटना ने टेक्सटाइल कारोबारियों के बीच चिंता बढ़ा दी है।
धोखाधड़ी का शिकार हुए व्यापारियों ने अंततः पुलिस का दरवाजा खटखटाया। कटारगाम निवासी और कढ़ाई व्यवसाय से जुड़े धर्मेशभाई अमरशीभाई वस्त्रपारा ने पूरे मामले में शिकायत दर्ज कराई है। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि आरोपियों ने भरोसे में लेकर व्यापारियों से काम करवाया और तैयार माल प्राप्त करने के बाद भुगतान किए बिना संपर्क तोड़ दिया।
शिकायत के आधार पर पुलिस ने नितेश सावरमल अग्रवाल और सुरेश लाल ओघनमल लखनकिया के खिलाफ धोखाधड़ी और विश्वासघात से संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस आरोपियों के बैंकिंग लेन-देन, व्यापारिक रिकॉर्ड और अन्य वित्तीय गतिविधियों की जांच कर रही है। सूत्रों के अनुसार आरोपियों की तलाश के लिए कार्रवाई तेज कर दी गई है और जल्द ही मामले में महत्वपूर्ण खुलासे होने की संभावना है।
सूरत की टेक्सटाइल इंडस्ट्री में पिछले कुछ वर्षों से धोखाधड़ी और पेमेंट डिफॉल्ट के मामलों में लगातार बढ़ोतरी देखी जा रही है। करोड़ों रुपये के भरोसे आधारित लेन-देन पर चलने वाले इस कारोबार में ऐसी घटनाएं व्यापारियों के लिए गंभीर चिंता का विषय बनती जा रही हैं। इस घटना ने एक बार फिर व्यापारियों को लेन-देन में अतिरिक्त सतर्कता बरतने की जरूरत का एहसास कराया है।
