बैंक अधिकारियों के संगठन ने पांच दिन का सप्ताह करने की मांग की
नई दिल्ली, 14 मई (वेब वार्ता)। बैंक अधिकारियों के संगठन ने ईंधन और ऊर्जा बचाने के लिए केंद्र सरकार से सप्ताह में पांच कार्य दिवस करने की मांग की है।
अखिल भारतीय बैंक अधिकारी परिसंघ (एआईबीओसी) ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम एक पत्र लिखा है जिसमें कहा गया है कि बैंकों के अधिकारी और कर्मचारी भी ऊर्जा बचत की राष्ट्रीय मुहिम का हिस्सा बनना चाहते हैं। लंबे समय से बैंकों में पांच दिन का सप्ताह करने की मांग की जा रही है।
परिसंघ के महासचिव रूपम रॉय ने बताया है कि बैंकों में घर से काम करना संभव नहीं है। ऐसे में पांच दिन का कार्य दिवस करने से बैंकों के अधिकारी और कर्मचारियों द्वारा ऊर्जा खपत कम होगी। साथ ही ग्राहकों के कम आने से भी ऊर्जा की बचत होगी।
उन्होंने लिखा है कि इससे पेट्रोल और डीजल की खपत में कमी के साथ-साथ, जाम में कमी, बिजली की बचत, शाखा अवसंरचना पर परिचालन भार में कमी तथा बैंकिंग क्षेत्र के कार्बन उत्सर्जन में उल्लेखनीय गिरावट होगी।
एआईबीओसी का तर्क है कि आज बैंकिंग सेवाएं केवल शाखाओं के काउंटरों तक सीमित नहीं रह गई हैं। डिजिटलीकरण के विस्तार के साथ लोग यूपीआई, मोबाइल बैंकिंग, इंटरनेट बैंकिंग, एटीएम, कैश डिपॉजिट मशीन, बिजनेस कॉरेस्पॉन्डेंट, कॉल सेंटर तथा अन्य माध्यमों से भी लेनदेन करते हैं। इसलिए पांच दिन का सप्ताह करने से उन्हें बैंकिंग सेवाओं से वंचित नहीं रहना होगा।
संगठन ने बताया कि इस विषय पर उद्योग स्तर पर व्यापक चर्चा हो चुकी है और वेतन समझौता प्रक्रिया के दौरान सिद्धांततः व्यापक सहमति भी बन चुकी है।
बैंक यूनियनों और अधिकारियों के संगठनों ने यह भी स्पष्ट किया है कि ग्राहक सेवा, व्यावसायिक आवश्यकताओं और संस्थागत जिम्मेदारियों को पूरी तरह सुरक्षित रखने हेतु दैनिक कार्य समय में आवश्यकतानुसार समायोजन किया जा सकता है।
