सूरत : उधना स्टेशन बना ‘मिनी इंडिया’, 12 घंटे में 18 हजार से अधिक यात्रियों की रवानगी
भीषण भीड़ के बीच रेलवे का एक्शन प्लान लागू, अतिरिक्त टिकट काउंटर और हाईटेक मॉनिटरिंग से संभाले हालात
सूरत। गर्मी की छुट्टियां शुरू होते ही प्रवासी मजदूरों का अपने वतन लौटने का सिलसिला तेज हो गया है। इसी के चलते उधना रेलवे स्टेशन पर रविवार रात से भारी भीड़ उमड़ पड़ी।
महज 12 घंटे के भीतर 7 ट्रेनों के जरिए 18 हजार से अधिक यात्री अपने गंतव्य के लिए रवाना हुए, जिससे स्टेशन का नजारा ‘मिनी इंडिया’ जैसा बन गया।
यात्रियों की भीड़ को नियंत्रित करने के लिए रेलवे प्रशासन ने कड़े सुरक्षा इंतजाम किए। स्टेशन परिसर को छावनी में तब्दील कर दिया गया, जहां प्लेटफॉर्म और एंट्रेंस पर रेलवे प्रोटेक्शन फोर्स (आरपीएफ) और गर्वमेन्ट रेलवे पुलिस (जीआरपी) के करीब 400 जवान तैनात किए गए। इसके अलावा टिकट चेकिंग और व्यवस्था बनाए रखने के लिए लगभग 70 कर्मचारियों को ड्यूटी पर लगाया गया।
स्टेशन के बाहर यात्रियों के लिए विशेष होल्डिंग एरिया और बड़ा पंडाल बनाकर बैरिकेडिंग की गई, ताकि भीड़ को चरणबद्ध तरीके से प्लेटफॉर्म पर भेजा जा सके। लंबी कतारों से बचाने के लिए रेलवे ने तत्काल प्रभाव से 6 अतिरिक्त टिकट काउंटर भी शुरू किए।
रेलवे ने यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए सुबह 5 बजे से ही ट्रेनों का संचालन शुरू कर दिया था। इस दौरान नियमित ट्रेनों के साथ-साथ कई स्पेशल ट्रेनों का भी संचालन किया गया, जिनसे बड़ी संख्या में यात्री उत्तर प्रदेश, बिहार और पश्चिम बंगाल के लिए रवाना हुए।
भीड़ प्रबंधन के लिए पहली बार पश्चिम रेलवे ने हाईटेक सिस्टम का इस्तेमाल किया। मुख्यालय में एक विशेष ‘वॉर रूम’ बनाकर स्टेशन की हर गतिविधि की लाइव मॉनिटरिंग की गई। यह सिस्टम सीधे रेल मंत्रालय से जुड़ा होने के कारण केंद्रीय स्तर पर भी हालात पर नजर रखी गई।
इसके साथ ही, रेलवे के वरिष्ठ अधिकारी भी मौके पर मौजूद रहे। एडीआरएम, डीसीएम और आरपीएफ के वरिष्ठ अधिकारियों ने ग्राउंड पर रहकर व्यवस्थाओं का जायजा लिया और भीड़ को नियंत्रित करने में अहम भूमिका निभाई।
हालांकि, भारी दबाव के चलते कुछ समय के लिए व्यवस्थाएं प्रभावित होती भी नजर आईं, लेकिन प्रशासन की सक्रियता से हालात को संभाल लिया गया।
