सूरत : NMMS परीक्षा में नगर निगम स्कूलों का दबदबा, 375 छात्र मेरिट में शामिल
ताड़वाड़ी-वरियाव की छात्रा श्वेता काकलोतर साउथ गुजरात में प्रथम, सरकारी स्कूलों की गुणवत्ता पर बढ़ा भरोसा
सूरत। नेशनल मीन्स-कम-मेरिट स्कॉलरशिप (NMMS) परीक्षा के परिणामों में सूरत नगर निगम के स्कूलों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई है। सीमित संसाधनों के बावजूद नगर निगम स्कूलों के छात्रों ने यह साबित किया है कि सही मार्गदर्शन और मेहनत से उत्कृष्ट परिणाम हासिल किए जा सकते हैं।
इस वर्ष सूरत जिले के कुल 451 कोटे में से 375 छात्र नगर निगम संचालित स्कूलों से मेरिट सूची में शामिल हुए हैं। इनमें ताड़वाड़ी-वरियाव स्थित श्री करसनदास मानेक प्राइमरी स्कूल की छात्रा श्वेता काकलोतर ने 167 अंक प्राप्त कर दक्षिण गुजरात में पहला स्थान हासिल किया है। राज्य स्तर के अंतिम परिणाम अभी घोषित नहीं हुए हैं, लेकिन श्वेता के राज्य स्तर पर भी शीर्ष स्थानों में आने की संभावना जताई जा रही है।
इसके अलावा, धनानी कृसंग रसिकलाल ने 164 अंक के साथ दूसरा और महतो नंदिनी कुमारी ने 163 अंक के साथ जिले में तीसरा स्थान प्राप्त किया। उल्लेखनीय है कि श्री करसनदास मानेक प्राइमरी स्कूल के 30 छात्रों में से 14 छात्रों ने मेरिट में स्थान बनाया है।
NMMS योजना के तहत चयनित छात्रों को कक्षा 9 से 12 तक प्रति वर्ष 12,000 रुपये की छात्रवृत्ति दी जाती है, जिससे चार वर्षों में कुल 48,000 रुपये की सहायता मिलती है। यह आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के छात्रों के लिए आगे की पढ़ाई में महत्वपूर्ण सहयोग साबित होती है।
नगर प्राइमरी शिक्षा समिति के तहत स्कूलों में शिक्षा स्तर में लगातार सुधार देखने को मिल रहा है। शिक्षकों और प्राचार्यों द्वारा विशेष योजना और अतिरिक्त प्रयासों के कारण छात्रों को प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए बेहतर तैयार किया जा रहा है।
स्कूल की प्रिंसिपल मीनाक्षी अटोदरिया के अनुसार, “शिक्षकों की अतिरिक्त मेहनत और समर्पण के कारण हर साल हमारे स्कूल के परिणाम बेहतर हो रहे हैं और अधिक से अधिक छात्रों को स्कॉलरशिप का लाभ मिल रहा है।”
यह उपलब्धि न केवल नगर निगम स्कूलों की गुणवत्ता को दर्शाती है, बल्कि यह भी साबित करती है कि सरकारी स्कूल अब उत्कृष्ट शिक्षा के भरोसेमंद केंद्र बनते जा रहे हैं।
