सूरत : उधना स्टेशन पर यात्रियों की भारी भीड़ से अफरा-तफरी, नियमित ट्रेनों की कमी बनी बड़ी वजह
बिहार विकास परिषद के पदाधिकारियों ने उधना रेलवे स्टेशन पर पश्चिम रेलवे के महाप्रबंधक से मुलाकात कर समस्याओं पर विस्तार से चर्चा की
बिहार विकास परिषद के पदाधिकारियों ने सोमवार को उधना रेलवे स्टेशन पर पश्चिम रेलवे के महाप्रबंधक से मुलाकात कर रविवार को हुई अव्यवस्था और अन्य यात्री समस्याओं पर विस्तार से चर्चा की गई। रविवार को अचानक करीब 20,000 यात्री, जो बिहार और उत्तर प्रदेश की ओर यात्रा करने वाले थे, स्टेशन पर पहुंच गए। यात्रियों की इस अप्रत्याशित भीड़ के कारण प्लेटफॉर्म संख्या 6 पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
रेलवे प्रशासन द्वारा पहले से कुछ व्यवस्थाएं की गई थीं, लेकिन अचानक बढ़ी भीड़ के आगे ये इंतजाम नाकाफी साबित हुए, जिससे यात्रियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। महाप्रबंधक ने भरोसा दिलाया कि जल्द ही नियमित ट्रेनों को शुरू करने की दिशा में प्रयास किए जाएंगे।
यात्रियों की बढ़ती संख्या को देखते हुए रेलवे ने कम समय में एक स्पेशल ट्रेन की व्यवस्था भी की थी। हालांकि, सूचना के सही प्रसार के अभाव में स्थिति और बिगड़ गई। बड़ी संख्या में यात्रियों ने यह मान लिया कि इस अनारक्षित ट्रेन में उन्हें आसानी से सीट मिल जाएगी, जिसके चलते भीड़ और अव्यवस्था बढ़ गई।
स्थिति की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि बिहार जाने वाली नियमित ट्रेनों में अगले दो महीनों तक सीटें उपलब्ध नहीं हैं। ऐसे में यात्रियों के सामने यात्रा करने का बड़ा संकट खड़ा हो गया है।
बिहार विकास परिषद ने लंबे समय से केंद्रीय रेल मंत्री से नियमित ट्रेनों की संख्या बढ़ाने की मांग की है। सूरत में रहने वाले प्रवासी बिहारियों की बड़ी आबादी के मुकाबले ट्रेनों की संख्या काफी कम है, जिसके कारण इस तरह की घटनाएं बार-बार सामने आती हैं।
समस्या के स्थायी समाधान के लिए परिषद ने सुझाव दिया है कि ट्रेन संख्या 20933 उधना-दानापुर एक्सप्रेस को नियमित रूप से प्रतिदिन जयनगर तक चलाया जाए। इसके अलावा, उधना से भागलपुर के लिए नई दैनिक ट्रेन शुरू करने और उधना से कोडरमा वाया गया के लिए भी प्रतिदिन ट्रेन सेवा शुरू करने की मांग की गई है। यदि इन प्रस्तावों पर अमल होता है, तो भविष्य में इस तरह की अव्यवस्था से बचा जा सकेगा और यात्रियों को सुगम व सुरक्षित यात्रा की सुविधा मिल सकेगी।
