डोनाल्ड ट्रंप का ईरान को आखिरी अल्टीमेटम, रात 12 बजे तक डील नहीं हुई तो तबाह होंगे पुल और बिजलीघर
वाशिंगटन/तेहरान, 07 अप्रैल (वेब वार्ता)। अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच जारी भीषण युद्ध आज 39वें दिन में प्रवेश कर गया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया के जरिए ईरान को कड़ी चेतावनी देते हुए ‘डेडलाइन’ तय कर दी है।
ट्रंप ने स्पष्ट किया है कि यदि मंगलवार रात (ईस्टर्न टाइम) तक होर्मुज जलडमरूमध्य को खोलने और संघर्ष विराम पर सहमति नहीं बनी, तो अमेरिका ईरान के महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे, जिसमें बिजली संयंत्र और प्रमुख पुल शामिल हैं, को पूरी तरह नष्ट कर देना शुरू कर देगा।
हालांकि, मध्यस्थ देशों के दबाव के बाद इस समय सीमा को मामूली विस्तार देते हुए भारतीय समयानुसार बुधवार शाम 5:30 बजे तक किया गया है, लेकिन युद्ध के मैदान में दोनों ओर से हमले और तेज हो गए हैं।
युद्ध को रोकने के लिए पाकिस्तान, मिस्र और तुर्की के बिचौलियों ने एक ‘सीजफायर प्लान’ तैयार किया है, जिसे ‘इस्लामाबाद समझौता’ कहा जा रहा है। इस योजना के तहत दो चरणों में शांति बहाली का प्रस्ताव है, जिसकी शुरुआत 45 दिनों के संभावित संघर्ष विराम से होगी और अंततः युद्ध समाप्ति का स्थाई समझौता किया जाएगा।
इस डील की सबसे प्रमुख शर्त होर्मुज स्ट्रेट को तुरंत जहाजों की आवाजाही के लिए फिर से खोलना है। एसोसिएटेड प्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, इस प्रस्ताव को ईरान और अमेरिका के साथ साझा किया गया है, लेकिन दोनों पक्षों की कड़ी शर्तों के कारण अगले 48 घंटों में किसी निश्चित नतीजे पर पहुंचने की उम्मीद कम ही नजर आ रही है।
पिछले 24 घंटों में इजराइल और ईरान के बीच हुए हमलों में मरने वालों की संख्या तेजी से बढ़ी है, जो अब 3400 के पार पहुंच गई है। इजराइली रक्षा मंत्री ने दावा किया है कि उन्होंने ईरान की सबसे बड़ी पेट्रोकेमिकल फैसिलिटी पर हमला कर वहां के उत्पादन को 50 प्रतिशत तक ठप कर दिया है।
वहीं, इजराइल ने ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड के इंटेलिजेंस चीफ मेजर जनरल माजिद खादेमी को मारने का भी दावा किया है। दूसरी ओर, ईरान और हिज्बुल्ला की ओर से इजराइल के हाइफा और अन्य शहरों पर किए गए हमलों में भी जान-माल का भारी नुकसान हुआ है।
लेबनान में भी इजराइली बमबारी में कम से कम 15 लोग मारे गए हैं, जिससे पूरे क्षेत्र में मानवीय संकट गहराता जा रहा है।
