सूरत : नो-पार्किंग के नीचे पे-एंड-पार्क! विरोधाभासी बोर्ड से प्रशासन पर उठे सवाल
हाईवे के वाटर वॉल क्षेत्र में एक ही जगह दो अलग निर्देश, लोगों ने जांच की उठाई मांग
सूरत। शहर में ट्रैफिक व्यवस्था और पार्किंग प्रबंधन को लेकर एक अजीब स्थिति सामने आई है, जिसने प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
सूरत के हाईवे स्थित वाटर वॉल क्षेत्र में सिटी बस स्टैंड के पास एक ही स्थान पर ‘नो-पार्किंग’ और ‘पे-एंड-पार्क’ के बोर्ड साथ-साथ लगे हुए हैं, जिससे आम लोगों में भ्रम की स्थिति पैदा हो गई है।
जानकारी के अनुसार, एक ओर जहां नगर प्रशासन और पुलिस द्वारा ‘यहां वाहन पार्क न करें’ का बोर्ड लगाया गया है, वहीं ठीक उसके नीचे ‘स्मार्ट पार्किंग’ के तहत ‘पे-एंड-पार्क’ का बोर्ड लगा दिया गया है। एक ही स्थान पर विरोधाभासी निर्देश होने से लोग यह समझ नहीं पा रहे कि वाहन पार्क करना वैध है या अवैध।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यह स्थिति न केवल हास्यास्पद है, बल्कि इससे लोगों को आर्थिक नुकसान भी उठाना पड़ सकता है। कई नागरिकों ने आशंका जताई है कि पे-एंड-पार्क के नाम पर अवैध वसूली की जा रही है।
कुछ जगहों पर ठेका अवधि समाप्त होने के बाद भी पार्किंग शुल्क वसूले जाने और बिना अनुमति के बोर्ड लगाकर लोगों से पैसे लेने की शिकायतें भी सामने आई हैं।
लोगों का सवाल है कि आखिर सही बोर्ड कौन सा है—प्रशासन और पुलिस द्वारा लगाया गया ‘नो-पार्किंग’ या फिर ‘स्मार्ट पार्किंग’ के नाम पर लगाया गया ‘पे-एंड-पार्क’। इस विरोधाभास के चलते लोगों में सिस्टम के प्रति अविश्वास बढ़ रहा है।
नागरिकों ने प्रशासन से इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं की गई, तो यह मामला बड़े घोटाले का रूप ले सकता है।
यह घटना शहर में पार्किंग व्यवस्था और निगरानी प्रणाली की खामियों को उजागर करती है, जिसे सुधारना प्रशासन के लिए जरूरी हो गया है।
