राजकोट में हाई रिटर्न के लालच में 1.74 करोड़ की ठगी, दंपति और बेटे पर केस दर्ज

दुबई की ट्रेडिंग कंपनी के नाम पर निवेश करवाया, शुरुआती रिटर्न देकर बढ़ाया भरोसा; ईओडब्ल्यू कर रही जांच

राजकोट में हाई रिटर्न के लालच में 1.74 करोड़ की ठगी, दंपति और बेटे पर केस दर्ज

राजकोट में अधिक रिटर्न का लालच देकर निवेशकों के साथ बड़ी वित्तीय ठगी का मामला सामने आया है। इस मामले में अरविंद लालजी खूंट, उनकी पत्नी ज्योत्सनाबेन और बेटे सागर (निवासी- इस्कॉन हाइट्स, अंबिका टाउनशिप के पास) के खिलाफ अपराध शाखा में शिकायत दर्ज की गई है। प्रकरण की जांच आर्थिक अपराध निवारण शाखा (EOW) को सौंपी गई है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार कुल ठगी की राशि करीब 1.74 करोड़ रुपये तक पहुंच गई है।

मवडी के चंद्रेशनगर स्ट्रीट नंबर-2 निवासी वीरेंद्रसिंह परमार ने अपनी शिकायत में बताया कि उनकी मुलाकात सागर से करीब दस वर्ष पहले हुई थी। वर्ष 2023 में सागर ने उन्हें दुबई स्थित “मिशा इन्वेस्टमेंट” नामक ट्रेडिंग कंपनी में निवेश करने का प्रस्ताव दिया। आरोप है कि निवेश पर हर महीने 4 से 5 प्रतिशत रिटर्न देने का लालच दिया गया।

शिकायत के अनुसार, शुरुआत में विश्वास दिलाने के लिए निवेशकों को नियमित रिटर्न दिया गया। वीरेंद्रसिंह ने पहले 9 लाख रुपये निवेश किए, जिस पर उन्हें 45 हजार रुपये रिटर्न मिला। इसके बाद उनके छोटे भाई युवराज सिंह ने भी 5.47 लाख रुपये निवेश किए। मार्च 2025 तक उन्हें रिटर्न मिलता रहा, जिससे उनका भरोसा और बढ़ गया।

इसके बाद शिकायतकर्ता ने कुल 19.43 लाख रुपये निवेश किए और अपने रिश्तेदारों व दोस्तों से भी करीब 39 लाख रुपये निवेश करवाए। इस तरह कुल 56.43 लाख रुपये निवेश किए गए, जिसमें से केवल 11.53 लाख रुपये ही रिटर्न के रूप में मिले, जबकि 44.90 लाख रुपये अब तक वापस नहीं मिले हैं।

मामले में अन्य निवेशकों को भी इसी तरह ठगी का शिकार बनाया गया। धार्मिक दिलीपभाई आह्या ने अपने व परिजनों के नाम पर 50 लाख रुपये निवेश किए, जिसमें से उन्हें केवल 5.88 लाख रुपये मिले, जबकि 44.12 लाख रुपये बकाया हैं। वहीं धर्मिल जगदीशभाई पांभर ने 18.50 लाख रुपये निवेश किए, जिसमें से 1.84 लाख रुपये रिटर्न मिला और 16.65 लाख रुपये अटके हुए हैं।

इसी प्रकार केवल हरेशभाई मेनपरा ने 55 लाख रुपये निवेश किए, जिसमें से लगभग 7.52 लाख रुपये ही वापस मिले, जबकि 42.48 लाख रुपये अब तक नहीं लौटाए गए हैं। पूरे मामले में आरोपियों ने कुल 1.74 करोड़ रुपये निवेश के रूप में एकत्र किए, जिसमें से लगभग 26.77 लाख रुपये ही रिटर्न के रूप में दिए गए। शेष राशि निवेशकों को नहीं लौटाई गई। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है और आरोपियों की भूमिका की गहराई से पड़ताल की जा रही है।

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