सूरत : इंडस्ट्रियल इलाकों में बिजली संकट पर चैंबर का बड़ा प्रस्ताव, अलग GETCO सर्कल की मांग
ओवरलोड सबस्टेशन और वोल्टेज समस्या से परेशान उद्योग, राज्य सरकार से त्वरित इंफ्रास्ट्रक्चर सुधार की अपील
सूरत । सूरत और दक्षिण गुजरात के औद्योगिक क्षेत्रों में लगातार बढ़ रही बिजली समस्याओं को लेकर द सदर्न गुजरात चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री ने राज्य सरकार के समक्ष व्यापक प्रस्ताव पेश किया है।
चैंबर के वाइस प्रेसिडेंट और फेडरेशन ऑफ गुजरात वीवर्स वेलफेयर एसोसिएशन के प्रेसिडेंट अशोक जीरावाला के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने गांधीनगर में ऊर्जा विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक कर बिजली इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने की मांग उठाई।
प्रतिनिधिमंडल में चैंबर की DGVCL कमेटी के एडवाइजर सुरेश पटेल, और रिप्रेजेंटेशन सेल के सदस्य किशोर बोघानी भी शामिल थे। बैठक में गुजरात एनर्जी ट्रान्समिशन कोर्पोरेशन (GETCO), गुजरात उर्जा विकास निगम लिमिटेड (GUVNL) और दक्षिण गुजरात विज कंपनी लिमिटेड (DGVCL) के अधिकारियों के साथ राज्य के ऊर्जा एवं पेट्रोकेमिकल्स राज्य मंत्री कौशिक वेकरिया भी मौजूद रहे।
चैंबर ने बताया कि साउथ गुजरात के औद्योगिक क्षेत्रों में तेजी से बढ़ती बिजली मांग के मुकाबले मौजूदा पावर इंफ्रास्ट्रक्चर अपर्याप्त साबित हो रहा है। कीम, पिपोदरा, मोटा बोरसरा, मोलवन, करंज और ताड़केश्वर जैसे इलाकों में 66 केवी सबस्टेशन ओवरलोड हो चुके हैं, जिससे बार-बार बिजली कटौती और वोल्टेज में उतार-चढ़ाव की समस्या बढ़ रही है।
इसके अलावा, 220 केवी लिंडियात सबस्टेशन भी अपनी क्षमता से अधिक लोड झेल रहा है। चैंबर ने इन क्षेत्रों में नए 66 केवी सबस्टेशन स्थापित करने और कीम-कोसंबा के बीच एक नया 220 केवी सबस्टेशन बनाने की तत्काल मांग की है।
सायन, देलाड, परिया, गोथान और स्यादला जैसे औद्योगिक क्लस्टर्स में भी टेक्सटाइल और प्रोसेसिंग यूनिट्स के विस्तार के कारण बिजली की मांग बढ़ गई है। यहां भी नए सबस्टेशन स्थापित करने और लंबित परियोजनाओं को जल्द पूरा करने की आवश्यकता जताई गई।
चैंबर ने उंभेल, परब और जोलवा क्षेत्रों में भी बिजली ढांचे को मजबूत करने के लिए नए सबस्टेशन स्थापित करने का प्रस्ताव रखा है। साथ ही, लंबे समय के समाधान के रूप में वाव क्षेत्र में 220 केवी सबस्टेशन बनाने की मांग भी की गई है।
एक महत्वपूर्ण मांग के रूप में चैंबर ने सूरत के लिए अलग GETCO सर्कल बनाने का प्रस्ताव रखा। वर्तमान में सूरत जिला भरूच और नवसारी सर्कल के अंतर्गत आता है, जिससे प्रशासनिक कार्यों में देरी होती है। अलग सर्कल बनने से इंडस्ट्रियल समस्याओं का समाधान तेज़ी से हो सकेगा और ईज़ ऑफ डूइंग बिज़नेस को बढ़ावा मिलेगा।
चैंबर ने यह भी बताया कि केवल ट्रांसमिशन ही नहीं, बल्कि डिस्ट्रीब्यूशन सिस्टम में भी लोड मैनेजमेंट, फीडर ओवरलोड, नए कनेक्शन में देरी और मेंटेनेंस जैसी समस्याएं उद्योगों को प्रभावित कर रही हैं।
बैठक के दौरान मंत्री कौशिक वेकरिया ने GETCO अधिकारियों को नए सबस्टेशन के कार्यों को तेजी से शुरू करने के निर्देश दिए और चैंबर के प्रतिनिधिमंडल को समस्याओं के समाधान का आश्वासन दिया।
चैंबर का मानना है कि यदि बिजली आपूर्ति से जुड़ी समस्याओं का जल्द समाधान नहीं किया गया, तो इसका असर औद्योगिक उत्पादन, निर्यात और निवेशकों के भरोसे पर पड़ सकता है।
