सूरत : डिंडोली में दो कॉलेज छात्राओं की सुसाइड केस में चौंकाने वाला खुलासा, मोबाइल जांच में सामने आई वजह

प्यार में ब्रेकअप बना मौत का कारण, एलन मस्क का रिएक्शन: 'Yikes'

सूरत : डिंडोली में दो कॉलेज छात्राओं की सुसाइड केस में चौंकाने वाला खुलासा, मोबाइल जांच में सामने आई वजह

सूरत। दक्षिण गुजरात के सूरत शहर के डिंडोली इलाके में दो कॉलेज छात्राओं की संदिग्ध मौत के मामले ने पूरे शहर को हिला दिया है। सानिया कनाडे रोड स्थित आत्मीय संस्कारधाम स्वामीनारायण मंदिर के बाथरूम से दोनों छात्राओं के शव मिलने के बाद पुलिस ने जांच शुरू की, जिसमें कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं।

पुलिस जांच के अनुसार मृतक छात्राओं की पहचान 18 वर्षीय रोशनी शरद शिरसाठ और 20 वर्षीय जोसेना चौधरी के रूप में हुई है। दोनों छात्राएं उधना सिटीजन कॉलेज में पढ़ाई करती थीं और आपस में अच्छी दोस्त थीं।

जांच में सामने आया कि दोनों अपने-अपने बॉयफ्रेंड के साथ रिलेशनशिप में थीं, लेकिन करीब 15 दिनों के अंतराल में दोनों का ब्रेकअप हो गया। पुलिस के मुताबिक इस सदमे को सहन न कर पाने के कारण दोनों ने आत्महत्या जैसा कदम उठाया।

पुलिस ने दोनों के मोबाइल फोन की जांच की तो कई डिजिटल सुराग मिले। चैट और सर्च हिस्ट्री से पता चला कि वे लंबे समय से मानसिक तनाव में थीं और मौत से जुड़ी जानकारी इंटरनेट पर खोज रही थीं।

जांच के दौरान यह भी सामने आया कि दोनों ने एआई आधारित चैटबॉट ChatGPT से भी कुछ जानकारी लेने की कोशिश की थी। हालांकि पुलिस अभी यह स्पष्ट कर रही है कि उन्होंने किस प्रकार की जानकारी प्राप्त की और घटना में उसका कितना संबंध है।

सोशल मीडिया पर चर्चा के बाद एलन मस्क की प्रतिक्रिया

यह मामला सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (Twitter) पर इस घटना की चर्चा के बाद एलन मस्क ने भी एक शब्द में प्रतिक्रिया दी – “Yikes”, जिसका मतलब है हैरानी या चिंता व्यक्त करना।

जानकारी के अनुसार दोनों छात्राएं सुबह घर से कॉलेज जाने के लिए निकली थीं, लेकिन शाम तक वापस नहीं लौटीं। बाद में उनके शव मंदिर परिसर के बाथरूम से संदिग्ध हालत में मिले। पुलिस को मौके से इंजेक्शन और कुछ दवाएं भी बरामद हुई हैं।

फिलहाल डिंडोली पुलिस टीम मोबाइल डेटा, कॉल रिकॉर्ड और डिजिटल फुटप्रिंट के आधार पर पूरे मामले की गहन जांच कर रही है। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम और फॉरेंसिक रिपोर्ट आने के बाद ही मौत की असली वजह पूरी तरह स्पष्ट हो सकेगी।