सूरत : स्व. सविताबेन बुटाणी के निधन पर देहदान और नेत्रदान, मानव सेवा का प्रेरणादायक उदाहरण
सामाजिक अग्रणियों ने परिजनों के इस निर्णय की सराहना की
उगम फोज की भक्त स्व. सविताबेन गगजीभाई बुटाणी के निधन के पश्चात उनके परिजनों ने मानव सेवा की भावना को आगे बढ़ाते हुए उनका देहदान रेड क्रॉस को तथा नेत्रदान लोकदृष्टि आई बैंक को समर्पित किया। इस सेवा कार्य ने समाज के सामने एक प्रेरणादायक उदाहरण प्रस्तुत किया।
ग्राम कुम्भण की निवासी स्व. सविताबेन गगजीभाई बुटाणी के निधन के बाद उनके स्वजनों ने तुरंत डॉ. प्रफुल्लभाई शिरोया को इसकी सूचना दी। इसके बाद नेत्रदान की प्रक्रिया पूरी करने के लिए लोकदृष्टि चक्षुबैंक के उपप्रमुख दिनेशभाई जोगाणी ने अपनी टीम के साथ पहुंचकर सेवा प्रदान की और नेत्रदान स्वीकार किया। परिजनों के इस निर्णय की समाज में सराहना की जा रही है। लोगों का कहना है कि इस प्रकार के कार्य मानवता की सच्ची सेवा हैं और इससे दूसरों को भी देहदान व नेत्रदान के लिए प्रेरणा मिलती है।
सद्गुरु परम पूज्य करमशी बापा के शिष्य स्व. सविताबेन गगजीभाई बुटाणी की आत्मा को सद्गुरु और प्रभु शांति प्रदान करें, ऐसी प्रार्थना उनके परिवारजन भावेशभाई गगजीभाई बुटाणी, भरतभाई गगजीभाई बुटाणी, पुत्रवधू इंदुबेन बुटाणी, पौत्र प्रितेशभाई, पौत्रवधू विभूतिबेन, पौत्र मीतभाई, पौत्रवधू गविन्ता बेन, बिपिनभाई गगजीभाई बुटाणी, पौत्रवधू गीताबेन, पौत्र साहिलभाई, सूरजभाई, रमेशभाई गगजीभाई बुटाणी, पुत्रवधू अनुसूयाबेन, पौत्र तीर्थभाई, पौत्री बंसरीबेन, पुत्र भावेशभाई, पुत्रवधू अंजुबेन, पौत्र हेतभाई, पौत्री दित्या बेन, भावनाबेन रमेशभाई शिंगाला, भांजे नितिनभाई, मयूरभाई, किरणबेन, गौरवंगभाई कुम्भाणी तथा पूर्व कॉर्पोरेटर निलेशभाई कुम्भाणी सहित स्वजन, पड़ोसी, उगम फोज के रमेशभाई सावलिया और
अन्य भक्तगणों की उपस्थिति में की गई। नेत्रदान लोकदृष्टि चक्षुबैंक को अर्पित किए गए तथा देहदान इंडियन रेड क्रॉस सोसायटी चौर्यासी तालुका शाखा के माध्यम से भरुच मेडिकल कॉलेज को प्रदान किया गया।
डॉ. प्रफुल्ल शिरोया ने बताया कि उगम फोज के सदस्य और परम पूज्य करमशी बापा के शिष्य स्व. सविताबेन गगजीभाई बुटाणी मूल रूप से कुम्भण गांव की निवासी थीं और पिछले कई वर्षों से सूरत के मोटा वराछा क्षेत्र में गोकुलधाम के पास ला लक्ज़ुरिया में निवास कर रही थीं। वे उगम फोज के भजन-सत्संग में नियमित रूप से उपस्थित रहती थीं और आध्यात्मिक प्रेरणा से उन्होंने नेत्रदान और देहदान का संकल्प लिया था, जो आज परमार्थ के इस कार्य से पूर्ण हुआ।
उगम फोज की ओर से पूज्य गौरीबा, पूज्य करमशी बापा के पुत्र गिरीशभाई बोदरा, बांदरा धाम के पूज्य गोरधन बापा तथा भेडा पीपलिया धाम के जयन्ती बापा ने भी स्व. सविताबेन गगजीभाई बुटाणी की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की। लोकदृष्टि चक्षुबैंक, रेड क्रॉस सोसायटी चौर्यासी तालुका शाखा के ट्रस्टीगण, लायंस क्लब ऑफ सूरत ईस्ट के अध्यक्ष किशोरभाई मंगरोलिया, ज़ोन चेयरमैन जगदीशभाई बोदरा, सुदामा ट्रस्ट के अध्यक्ष जयेशभाई देसाई सहित सभी महानुभावों ने स्व. सविताबेन को भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की।
देहदान को डॉ. किरण पटेल मेडिकल कॉलेज, भरुच तक सारथी जीतुभाई किहला द्वारा पहुँचाया गया। स्व. सविताबेन गगजीभाई बुटाणी के नेत्र अब अमर रहेंगे और दो व्यक्तियों के जीवन में प्रकाश फैलाएंगे। देहदान से मेडिकल कॉलेज में अध्ययन करने वाले विद्यार्थियों को शरीर की आंतरिक संरचना समझने और शोध कार्य में सहायता मिलेगी। जीते-जी रक्तदान और मृत्यु के बाद नेत्रदान, देहदान तथा अंगदान करना मानवता की
सर्वोत्तम सेवा और उत्तम दान माना जाता है।
