राजकोट : करोड़ों के धोखाधड़ी मामले में पुलिस कस्टडी से फरार आरोपी गिरफ्तार
राजकोट के प्रदीप डावेरा को पुणे से गिरफ्तार कर गोंडल पुलिस को सौंपा
करोड़ों रुपये की धोखाधड़ी के मामले में गिरफ्तार होकर पुलिस कस्टडी से फरार हुआ आरोपी प्रदीप खोड़ाभाई डावेरा (36) आखिरकार महाराष्ट्र के पुणे से पकड़ा गया। राजकोट रूरल LCB ने उसे गिरफ्तार कर गोंडल तालुका पुलिस को सौंप दिया है।
मूल रूप से राजकोट जिले के भरुडी क्षेत्र के पास से पुलिस कस्टडी से फरार हुए प्रदीप के खिलाफ राजकोट और जामनगर में GPID, प्राइज और चीट मनी एक्ट तथा धोखाधड़ी सहित गंभीर धाराओं के तहत कुल पांच आपराधिक मामले दर्ज हैं। इसके अलावा जामनगर, राजकोट, गोंडल, वांकानेर, ओखा और जूनागढ़ की अदालतों में चेक रिटर्न (नेगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट एक्ट) के 112 मामले भी लंबित हैं।
बताया गया है कि 7 फरवरी को उसे चेक रिटर्न के एक केस में गोंडल कोर्ट ले जाया गया था। वापसी के दौरान भरुडी टोल प्लाजा के पास एक होटल में रुकने पर उसका भाई संदीप बिना नंबर प्लेट वाली कार से उसे भगा ले गया था। इसके बाद गोंडल तालुका पुलिस में फरारी का मामला दर्ज किया गया।
घटना के बाद LCB के PI वी.वी. ओडेडारा और PSI एच.सी. गोहिल की टीम ने लगातार तलाश जारी रखी। जांच के दौरान आरोपी की लोकेशन पुणे में मिलने पर उसे गिरफ्तार कर लिया गया।
जांच में सामने आया कि आरोपी ने वर्ष 2017 में राजकोट में “आशीष क्रेडिट सोसाइटी” और “समय ट्रेडिंग” नाम से सहकारी संस्थाएं शुरू कर निवेशकों को ज्यादा मुनाफे का लालच देकर करोड़ों रुपये हड़प लिए। उसके स्कैम का शिकार बड़ी संख्या में गरीब लोग भी हुए। वह पहले राजकोट के ग्रीनलैंड चौकड़ी के पास मणिनगर क्षेत्र में रहता था, बाद में सूरत के पाल गांव में रहने लगा था।
पुलिस के अनुसार, आरोपी के खिलाफ करोड़ों की फ्रॉड के पांच बड़े केस और चेक रिटर्न के 112 मामले दर्ज हैं तथा आगे की जांच जारी है।
