सूरत : भगवान महावीर यूनिवर्सिटी में ‘BioE3’ विज़न के साथ नेशनल साइंस डे का आयोजन

सस्टेनेबल इनोवेशन पर विशेषज्ञ व्याख्यान, उत्कृष्ट विद्यार्थियों को सम्मान

सूरत : भगवान महावीर यूनिवर्सिटी में ‘BioE3’ विज़न के साथ नेशनल साइंस डे का आयोजन

सूरत। नेशनल साइंस डे के अवसर पर भगवान महावीर यूनिवर्सिटी के अंतर्गत संचालित भगवान महावीर कॉलेज ऑफ बेसिक एंड एप्लाइड साइंसेज (BMCBAS) ने Microbiologists Society of India (MBSI) के सहयोग से “BioE3: एक सतत और जिम्मेदार भविष्य के लिए विज्ञान” विषय पर एक प्रभावशाली विशेषज्ञ व्याख्यान का आयोजन किया।

BMCBAS के सेमिनार हॉल में आयोजित इस कार्यक्रम ने माइक्रोबायोलॉजी, बायोटेक्नोलॉजी, केमिस्ट्री, नर्सिंग और फार्मेसी जैसे क्षेत्रों के विद्यार्थियों और शोधार्थियों को प्रेरित करने के लिए सशक्त मंच प्रदान किया।

कार्यक्रम का मुख्य व्याख्यान वीर नर्मद साउथ गुजरात यूनिवर्सिटी (VNSGU) के बायोटेक्नोलॉजी विभागाध्यक्ष प्रो. डॉ. गौरव शाह ने दिया। उन्होंने “BioE3” की अवधारणा को विस्तार से समझाते हुए बताया कि बायोटेक्नोलॉजी किस प्रकार अर्थव्यवस्था, पर्यावरण संरक्षण और रोजगार सृजन में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।

डॉ. शाह ने विद्यार्थियों और फैकल्टी को अपने शोध में सतत विकास के सिद्धांतों को शामिल करने के लिए प्रेरित किया और यह भी बताया कि नई तकनीकें वास्तविक पर्यावरणीय चुनौतियों के समाधान में कैसे सहायक बन सकती हैं।

कार्यक्रम का विशेष आकर्षण सम्मान समारोह रहा, जिसमें प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को पाठ्यक्रम, सह-पाठ्यक्रम और अतिरिक्त गतिविधियों में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए पुरस्कृत किया गया। MBSI के सहयोग से प्रदान किए गए “बेस्ट स्टूडेंट अवॉर्ड” डॉ. गौरव शाह द्वारा उन विद्यार्थियों को दिए गए, जिन्होंने शैक्षणिक उत्कृष्टता के साथ नेतृत्व क्षमता का भी प्रदर्शन किया।

इस अवसर पर यूनिवर्सिटी के रजिस्ट्रार डॉ. विजय मतवाला, I/C प्रिंसिपल डॉ. विजय कुमार, BMCP के डायरेक्टर डॉ. विनीत जैन तथा विभिन्न विभागाध्यक्ष उपस्थित रहे।

I/C प्रिंसिपल डॉ. विजय कुमार ने विद्यार्थियों से जिज्ञासा बनाए रखने का आह्वान करते हुए कहा, “हमेशा ‘क्यों’ और ‘कैसे’ पूछते रहें।” वहीं, डॉ. शाह ने कहा कि “BioE3 जैसे व्याख्यान यह सुनिश्चित करते हैं कि हमारे विद्यार्थी सतत नवाचार के क्षेत्र में अग्रणी बनें और बदलते जॉब मार्केट में अपनी मजबूत पहचान स्थापित करें।”

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