इंडिया AI इम्पैक्ट समिट’ में भारत का बड़ा ऐलान, AI इंफ्रास्ट्रक्चर में 16 हजार करोड़ का निवेश और ‘AI का UPI’ लॉन्च करने की तैयारी

इंडिया AI इम्पैक्ट समिट’ में भारत का बड़ा ऐलान, AI इंफ्रास्ट्रक्चर में 16 हजार करोड़ का निवेश और ‘AI का UPI’ लॉन्च करने की तैयारी

नई दिल्ली, 18 फरवरी (वेब वार्ता)। नई दिल्ली के ‘भारत मंडपम’ में आयोजित ‘इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट’ में केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने भारत को वैश्विक तकनीकी मानचित्र पर स्थापित करने वाली बड़ी घोषणाएं की हैं।

उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार अगले दो वर्षों में एआई इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास के लिए 2 बिलियन डॉलर (लगभग 16,000 करोड़ रुपये) का भारी-भरकम निवेश करेगी।

इस समिट को जी- 20 से भी बड़ा आयोजन बताते हुए उन्होंने जानकारी दी कि वैश्विक दिग्गज कंपनी एनवीडिया (Nvidia) भारतीय कंपनियों के साथ बड़े सहयोग के लिए बातचीत कर रही है। सरकार का लक्ष्य एआई ‘मिशन 2.0’ के जरिए रिसर्च और स्किलिंग को लोकतांत्रिक बनाना है।

जिस तरह यूपीआई (UPI) ने डिजिटल भुगतान में क्रांति ला दी, उसी तर्ज पर भारत अब ‘एआई का यूपीआई’ विकसित करने जा रहा है। यह तकनीक विशेष रूप से स्वास्थ्य, कृषि और शिक्षा जैसे बुनियादी क्षेत्रों की जटिल समस्याओं को सुलझाने के लिए एक प्रभावी मंच प्रदान करेगी।

भारत का यह समावेशी एआई मॉडल अमेरिका और चीन के वर्चस्व को चुनौती दे रहा है। ग्लोबल साउथ के देशों ने भारत की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि जहां अमेरिकी मॉडल महंगा है और चीनी मॉडल पर भरोसे की कमी है, वहीं भारत का मॉडल आम आदमी के लिए सुलभ और कल्याणकारी है।

एआई के बढ़ते दुरुपयोग को लेकर सरकार ने कड़ा रुख अपनाते हुए डीप-फेक के खिलाफ सख्त कानून लाने के संकेत दिए हैं। मंत्री वैष्णव ने स्पष्ट किया कि मेटा, यूट्यूब और नेटफ्लिक्स जैसी वैश्विक कंपनियों को भारत के नियमों का अनिवार्य रूप से पालन करना होगा।

बच्चों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए सोशल मीडिया के उपयोग की न्यूनतम उम्र सीमा तय करने पर भी मंथन चल रहा है। इसके साथ ही, सोशल मीडिया पर प्रामाणिक सूचना साझा करने वालों को आय में हिस्सेदारी देने जैसे क्रांतिकारी बदलावों पर विचार किया जा रहा है ताकि डिजिटल स्पेस को सुरक्षित बनाया जा सके।