भारत बनेगा दुनिया का नया एआई सुपरपावर; ओपनएआई सीईओ सैम ऑल्टमैन ने सराहा देश का डिजिटल विजन
नई दिल्ली, 16 फरवरी (वेब वार्ता)। ओपनएआई (OpenAI) के सीईओ सैम ऑल्टमैन ने भारत की प्रौद्योगिकी प्रतिभा और राष्ट्रीय एआई रणनीति की जमकर तारीफ करते हुए कहा है कि भारत में वैश्विक एआई लीडर बनने की पूरी क्षमता है।
उन्होंने भारत को दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र बताते हुए कहा कि यहाँ तकनीक और नीतिगत पहलों का अनूठा संगम है। ऑल्टमैन के अनुसार, भारत में साप्ताहिक सक्रिय एआई उपयोगकर्ताओं की संख्या अब 10 करोड़ तक पहुंच गई है, जो अमेरिका के बाद दुनिया में दूसरे स्थान पर है।
विशेष रूप से, भारतीय छात्र चैटजीपीटी (ChatGPT) के उपयोग में दुनिया भर में शीर्ष पर हैं, जो देश की बढ़ती डिजिटल जागरूकता को दर्शाता है।
सैम ऑल्टमैन ने सरकार के ‘भारत एआई मिशन’ को एक मील का पत्थर बताया, जो कंप्यूट क्षमता बढ़ाने और स्टार्टअप्स को समर्थन देने के लिए समर्पित है।
उन्होंने स्वास्थ्य, कृषि और सार्वजनिक सेवाओं में बहुभाषी एआई अनुप्रयोगों की आवश्यकता पर जोर दिया। ऑल्टमैन ने स्पष्ट किया कि एआई की सफलता तीन स्तंभों—पहुंच, उपयोग और क्षमता—पर टिकी है। उन्होंने चेतावनी भी दी कि यदि एआई का लाभ असमान रूप से वितरित हुआ, तो आर्थिक लाभ केवल कुछ क्षेत्रों तक सीमित रह जाएंगे।
इसलिए, ओपनएआई भारत के लिए विशेष रूप से एआई टूल्स विकसित करने और उन्हें मुफ्त उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है।
भविष्य के रोडमैप पर चर्चा करते हुए ऑल्टमैन ने तीन प्राथमिकताओं को रेखांकित किया: एआई शिक्षा का विस्तार, ऊर्जा अवसंरचना का निर्माण और एआई को रोजमर्रा के कार्यों में शामिल करना।
उन्होंने कहा कि “इन्फ्रास्ट्रक्चर ही भविष्य तय करता है” और एआई तभी सफल होगा जब वह सुरक्षित और भरोसेमंद होगा। ऑल्टमैन ने यह भी संकेत दिया कि वे जल्द ही भारत सरकार के साथ नई महत्वपूर्ण साझेदारियों की घोषणा करेंगे।
उन्होंने अपने संबोधन का समापन एक शक्तिशाली संदेश के साथ किया—”एआई भारत के भविष्य को आकार देगा और भारत एआई के भविष्य को परिभाषित करेगा।”
