यूपी का अब तक का सबसे बड़ा बजट पेश, योगी सरकार का 9.12 लाख करोड़ का मास्टरस्ट्रोक
युवाओं और किसानों पर फोकस, 2.24% पर पहुंची बेरोजगारी दर
लखनऊ. 11 फरवरी (वेब वार्ता)। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व वाली उत्तर प्रदेश सरकार ने राज्य के इतिहास का सबसे बड़ा बजट पेश कर नया कीर्तिमान स्थापित किया है।
वित्त मंत्री सुरेश खन्ना द्वारा सदन में प्रस्तुत किए गए 9.12 लाख करोड़ रुपये के इस बजट का मुख्य उद्देश्य यूपी को ‘रिकॉर्ड ग्रोथ’ की ओर ले जाना है। 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले आए इस लोकलुभावन बजट में युवाओं, किसानों और महिलाओं के सशक्तिकरण को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है।
राज्य का सकल घरेलू उत्पाद (GSDP) 30.25 लाख करोड़ रुपये आंका गया है, जो प्रदेश की मजबूत आर्थिक स्थिति और 13.4 प्रतिशत की विकास दर को स्पष्ट रूप से दर्शाता है।
बजट के दौरान वित्त मंत्री ने उत्तर प्रदेश को निवेश के वैश्विक केंद्र के रूप में प्रस्तुत किया। आंकड़ों के अनुसार, देश का 65 प्रतिशत मोबाइल उत्पादन अकेले यूपी में हो रहा है और अब तक राज्य में 15 लाख करोड़ रुपये का वास्तविक निवेश धरातल पर उतर चुका है।
ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के बाद हुए 50 लाख करोड़ रुपये के एमओयू (MoU) से भविष्य में लगभग 10 लाख नए रोजगार सृजित होने की उम्मीद जताई गई है। इसके साथ ही, प्रदेश में बेरोजगारी दर में ऐतिहासिक गिरावट आई है, जो अब घटकर मात्र 2.24 प्रतिशत रह गई है, जो सरकार की रोजगार नीतियों की बड़ी सफलता मानी जा रही है।
खेती-किसानी के क्षेत्र में अपनी बादशाहत कायम रखते हुए यूपी ने गेहूं और आलू उत्पादन में देश में पहला स्थान प्राप्त किया है। सरकार ने गन्ना किसानों के रिकॉर्ड भुगतान के साथ ही अब राज्य को ‘एग्री एक्सपोर्ट हब’ बनाने की महत्वाकांक्षी योजना पेश की है।
सामाजिक मोर्चे पर बड़ी उपलब्धि का दावा करते हुए वित्त मंत्री ने बताया कि पिछले कुछ वर्षों में लगभग 6 करोड़ लोग बहुआयामी गरीबी के जाल से बाहर आए हैं।
प्रति व्यक्ति आय भी 2016-17 के मुकाबले दोगुनी होकर 1.10 लाख रुपये तक पहुंच गई है, जिसे आगामी वर्ष तक 1.20 लाख रुपये करने का लक्ष्य रखा गया है।
