भारत-अमेरिका व्यापार समझौते पर प्रधानमंत्री ने जताई खुशी, राष्ट्रपति ट्रंप का किया धन्यवाद
नई दिल्ली, 07 फरवरी (वेब वार्ता)। भारत और अमेरिका के बीच हुए ऐतिहासिक अंतरिम व्यापार समझौते की रूपरेखा पर सहमति बनने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गहरी प्रसन्नता व्यक्त की है।
प्रधानमंत्री ने इस उपलब्धि को दोनों देशों के आर्थिक संबंधों में एक नया अध्याय बताते हुए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को उनके व्यक्तिगत सहयोग और प्रतिबद्धता के लिए धन्यवाद दिया है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि यह समझौता न केवल दोनों देशों के बीच व्यापारिक संबंधों को मजबूती प्रदान करेगा, बल्कि मेक इन इंडिया अभियान को भी नई गति देगा। उन्होंने विश्वास जताया कि इस समझौते से भारत के किसानों, उद्यमियों, लघु एवं मध्यम उद्योगों, स्टार्टअप्स और मछुआरों के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अवसरों के नए द्वार खुलेंगे।
प्रधानमंत्री मोदी ने साझा किया कि जैसे-जैसे भारत विकसित भारत बनने के संकल्प के साथ आगे बढ़ रहा है, ऐसी वैश्विक साझेदारियां भविष्य की नींव रखने, नागरिकों को सशक्त बनाने और साझा समृद्धि लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी।
यह समझौता विशेष रूप से इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि इसके माध्यम से अमेरिका ने भारत पर लगाए गए 25 प्रतिशत के अतिरिक्त दंडात्मक शुल्क (टैरिफ) को तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दिया है। गौरतलब है कि यह अतिरिक्त शुल्क रूस से तेल खरीद के संदर्भ में लगाया गया था।
अब भारत के लिए कुल टैरिफ घटाकर 18 प्रतिशत कर दिया गया है, जबकि विमान (एयरक्राफ्ट) और उससे संबंधित उपकरणों पर लगने वाली ड्यूटी को पूरी तरह खत्म कर दिया गया है।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक कार्यकारी आदेश जारी करते हुए स्पष्ट किया कि भारत ने रूस से तेल का प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष आयात बंद करने की प्रतिबद्धता जताई है और अब वह ऊर्जा उत्पादों की अपनी आवश्यकताओं के लिए अमेरिका पर ध्यान केंद्रित करेगा।
राष्ट्रपति ट्रंप ने भारत द्वारा उठाए गए कदमों की सराहना करते हुए कहा कि भारत ने राष्ट्रीय सुरक्षा, विदेश नीति और आर्थिक मामलों पर अमेरिका के साथ पर्याप्त तालमेल बिठाने के लिए महत्वपूर्ण प्रयास किए हैं।
इसी आधार पर भारत से आयातित वस्तुओं पर लगे अतिरिक्त शुल्कों को हटाने का निर्णय लिया गया है। इस समझौते की एक बड़ी खूबी यह है कि भारत ने अपने संवेदनशील कृषि और ग्रामीण हितों की सुरक्षा सुनिश्चित की है।
समझौते के तहत भारत के प्रमुख कृषि उत्पादों, जैसे गेहूं, बाजरा, सूखे अनाज और पशु आहार के लिए उपयोग होने वाले लाल ज्वार को पूरी तरह सुरक्षित रखा गया है। इसके अलावा, मेवे, ताजे और प्रसंस्कृत फल, सोयाबीन तेल और डेयरी उत्पादों को भी इस सौदे के दायरे से बाहर रखा गया है।
भारत ने यह सुनिश्चित किया है कि उसकी डेयरी और मसाला श्रेणियों पर विदेशी प्रतिस्पर्धा का नकारात्मक असर न पड़े। अगले 10 वर्षों में रक्षा सहयोग बढ़ाने और ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित करने की इस साझा रणनीति ने दोनों देशों के भविष्य के रिश्तों को एक नई दिशा प्रदान की है।
