ढाई किलो के हाथ के साथ 5 किलो का दिल : ‘बॉर्डर-2’ की बीटीएस वीडियो में दिखा सनी देओल का अनदेखा पहलू
मुंबई, 31 जनवरी (वेब वार्ता)। सनी देओल की ब्लॉकबस्टर फिल्म ‘बॉर्डर-2’ सिनेमाघरों में कमाल कर रही है। फिल्म के रिलीज के बाद भी स्टारकास्ट फिल्म से जुड़े अनदेखे वीडियो पोस्ट कर रहे हैं, जिससे साफ अंदाजा लगाया जा सकता है कि फतेह सिंह का गंभीर किरदार निभाने के साथ सनी देओल ने फिल्म के सेट पर ढेर सारी मस्ती भी की है।
बीटीएस वीडियो में अभिनेता ढाई किलो के हाथ के साथ 5 किलो के दिल के साथ दिख रहे हैं। सनी देओल ने फिल्म के रिलीज के एक हफ्ते बाद ‘बॉर्डर-2’ का बीटीएस वीडियो शेयर किया है, जिसमें वे सेट के बाकी कलाकारों के साथ मस्ती करते दिख रहे हैं और सेट पर पंजाबी भाषा में बात कर रहे हैं। वीडियो में अभिनेता कहते हैं, “प्रोड्यूसर ने कहा कि ज्यादा गर्मी लगे तो हम बर्फ मंगा देंगे, लगता है कि प्रोड्यूसर साहब ने ज्यादा सीरियस ले लिया है।”
एक दूसरे चंक में अभिनेता हाथ हिलाकर डांस स्टेप जैसा कुछ करने की कोशिश कर रहे हैं और कहते हैं, “ऐसे ही हाथ हिलाते-हिलाते आगे की डिस्कशन भी कर लेते हैं।” अभिनेता वीडियो के हर चंक में मुस्कुराते दिख रहे हैं।
अभिनेता को ज्यादातर फिल्मों में गुस्सैल रवैए और एक्शन के साथ देखा गया है, ऐसे में ये वीडियो बताता है कि सनी पाजी असल जिंदगी में अपने पिता धर्मेंद्र की तरह मस्तमौला इंसान हैं। उन्होंने वीडियो शेयर कर लिखा, “मुझे बेनकाब करने के लिए धन्यवाद, मैं आपसे प्यार करता हूं, अनुराग।”
वीडियो में यह भी कैप्शन शेयर किया गया है कि ढाई किलो के हाथ और पांच किलो के दिल वाले इस शख्स का अनदेखा पहलू। दहाड़ तो मशहूर है लेकिन सेट को रोशन करने वाली हंसी भी उतनी ही लाजवाब है।
इससे पहले इस वीडियो को फिल्म के डायरेक्टर अनुराग सिंह ने शेयर किया था और उनके अनदेखे पहलू और सेट पर शूटिंग करने वाले असल सनी देओल को दर्शकों तक पहुंचाया। उन्होंने लिखा था,“स्क्रीन पर आपकी दमदार उपस्थिति से लेकर सेट पर आपकी गर्मजोशी तक, हर दिन आपके साथ रहना एक खुशी की बात रही है, सर। हम सभी आपसे प्यार करते हैं।”
इससे पहले भी सनी देओल ने सेट का एक और वीडियो पोस्ट किया था, जिसमें उन्होंने खुलासाकिया था कि डांस स्टेप्स करना उनके लिए सबसे ज्यादा मुश्किल कामों में से एक है। अभिनेता ने बताया था कि कैसे गानों की शूटिंग के दौरान उन्हें बुखार भी आ जाता था और खुद को मानसिक रूप से तैयार करने के लिए 1 दिन का समय लगता था।
