सूरत : गुजरात टेक्सटाइल पॉलिसी–2024 में अहम बदलाव, महिला सेल्फ़-हेल्प ग्रुप्स को मिलेगा बड़ा लाभ

नगर निगम क्षेत्रों में गारमेंट और सिलाई इकाइयों को मिलेगी सब्सिडी; महिलाओं के स्वयं सहायता समूहों को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने पर जोर

सूरत : गुजरात टेक्सटाइल पॉलिसी–2024 में अहम बदलाव, महिला सेल्फ़-हेल्प ग्रुप्स को मिलेगा बड़ा लाभ

सूरत। गुजरात टेक्सटाइल पॉलिसी–2024 के तहत मुख्यमंत्री श्री भूपेंद्र पटेल ने एक अहम और दूरदर्शी निर्णय लिया है, जिससे महिला सेल्फ़-हेल्प ग्रुप्स (SHGs) के सशक्तिकरण और आय वृद्धि को बड़े पैमाने पर बढ़ावा मिलेगा।

मुख्यमंत्री ने पहली बार ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में महिलाओं के सेल्फ़-हेल्प ग्रुप्स के एम्पावरमेंट को टेक्सटाइल पॉलिसी से जोड़ते हुए इसके नियमों में आवश्यक बदलाव के निर्देश दिए हैं। इसके तहत नेशनल रूरल लाइवलीहुड मिशन (NRLM) और नेशनल अर्बन लाइवलीहुड मिशन (NULM) के अंतर्गत पंजीकृत एक या अधिक महिला SHGs तथा समान उद्देश्य से जुड़े अन्य वॉलंटरी ग्रुप्स को भी टेक्सटाइल पॉलिसी का लाभ मिलेगा।

इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने यह भी फैसला किया है कि नगर निगम क्षेत्र की सीमा में आने वाली नॉन-पॉल्यूटिंग टेक्सटाइल मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स—जैसे गारमेंट्स, अपैरल, मेड-अप्स, सिलाई, कढ़ाई एवं अन्य वैल्यू-एडेड गतिविधियाँ—को भी गुजरात टेक्सटाइल पॉलिसी-2024 के अंतर्गत सहायता के लिए पात्र माना जाएगा।

यह पॉलिसी विशेष रूप से गारमेंट्स, अपैरल और टेक्निकल टेक्सटाइल सेक्टर पर फोकस करती है, जो राज्य और देश की अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। गुजरात प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (GPCB) की व्हाइट और ग्रीन कैटेगरी में शामिल या समकक्ष नॉन-पॉल्यूटिंग यूनिट्स को इस नीति के अंतर्गत लाभ मिलेगा।

इस निर्णय से शहरी क्षेत्रों में रोज़गार के नए अवसर पैदा होंगे, स्थानीय स्तर पर स्किल्ड और सेमी-स्किल्ड वर्कर्स को काम मिलेगा, MSME सेक्टर को बढ़ावा मिलेगा, नगर निगम क्षेत्रों में मौजूद इंफ्रास्ट्रक्चर का बेहतर उपयोग होगा, जिससे उत्पादन लागत कम और प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी

विशेष रूप से शहरी इलाकों में गारमेंट, सिलाई और कढ़ाई जैसी श्रम-आधारित गतिविधियों को बढ़ावा मिलने से महिलाओं को स्थानीय स्तर पर रोज़गार मिलेगा, जिससे उनकी आर्थिक और सामाजिक स्थिरता मजबूत होगी और वर्क-लाइफ बैलेंस बेहतर बनेगा।

नॉन-पॉल्यूटिंग गतिविधियों को बढ़ावा देने से पर्यावरण संरक्षण और संतुलित व सतत औद्योगिक विकास के लक्ष्य को भी बल मिलेगा।

मुख्यमंत्री श्री भूपेंद्र पटेल और उपमुख्यमंत्री एवं उद्योग मंत्री श्री हर्ष संघवी के मार्गदर्शन में किए गए ये बदलाव प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के भारत को दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनाने के विज़न और विकसित भारत 2047 के लक्ष्य में गुजरात की अहम भूमिका को और मजबूत करेंगे।