सूरत : उत्तरायण के दौरान घायल पक्षियों के लिए सूरत जिले में 10 से 20 जनवरी तक चलेगा ‘करुणा अभियान’

12 कलेक्शन सेंटर, 23 ट्रीटमेंट सेंटर और 733 वॉलंटियर जुटे; घायल पक्षियों की सूचना के लिए जारी की वाइल्डलाइफ हेल्पलाइन नंबर 

सूरत : उत्तरायण के दौरान घायल पक्षियों के लिए सूरत जिले में 10 से 20 जनवरी तक चलेगा ‘करुणा अभियान’

उत्तरायण पर्व के दौरान घायल और फंसे हुए पक्षियों के इलाज व बचाव के लिए सूरत जिले सहित पूरे गुजरात में 10 से 20 जनवरी तक ‘करुणा अभियान’ चलाया जाएगा। इस अभियान के तहत वन विभाग, पशुपालन विभाग और नवसारी वेटरनरी यूनिवर्सिटी के समन्वय से सूरत जिले में व्यापक इंतजाम किए गए हैं।

जिले में अभियान के लिए 12 कलेक्शन सेंटर और 23 ट्रीटमेंट सेंटर स्थापित किए गए हैं, जहां घायल पक्षियों का तत्काल उपचार किया जाएगा। इस कार्य में 51 पशु चिकित्सकों के साथ 17 गैर-सरकारी संगठनों (NGO) के कुल 733 वॉलंटियर सक्रिय रूप से जुड़े रहेंगे।

जिला वन संरक्षक अधिकारी ने बताया कि पिछले वर्षों के आंकड़ों के आधार पर सूरत शहर के कुछ संवेदनशील ‘हॉट स्पॉट’ क्षेत्रों के पास अतिरिक्त करुणा एम्बुलेंस और ट्रीटमेंट सेंटर तैनात किए जाएंगे, ताकि घायल पक्षियों और बेसहारा जानवरों को समय पर इलाज मिल सके। साथ ही, बच्चों और आम नागरिकों में करुणा अभियान के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से शहर और जिले के स्कूलों में विशेष कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे।

जिला वन विभाग ने नागरिकों से अपील की है कि वे चाइनीज मांझे या कांच और रासायनिक परत वाले धागों का उपयोग न करें, सूर्योदय और सूर्यास्त के समय पतंग न उड़ाएं तथा भोजन की तलाश में निकलने वाले पक्षियों का विशेष ध्यान रखें। किसी भी घायल या फंसे हुए पक्षी की सूचना तुरंत जिला वाइल्डलाइफ हेल्पलाइन नंबर 99097-30030 पर देने का आग्रह किया गया है।

वन विभाग ने लोगों से ‘गिव इट अप फॉर लाइफ’ का संदेश फैलाने और अबोल पक्षियों के प्रति करुणा दिखाने की भी अपील की है, ताकि उत्तरायण का त्योहार मानवता और संवेदनशीलता के साथ मनाया जा सके।

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