सूरत : खजोद का कचरा कांकरिया गांव के खेतों में डंप, दर्शन नायक ने नगर निगम के खिलाफ खोला मोर्चा, विजिलेंस जांच की मांग
5,000 टन कचरे में बायो-मेडिकल वेस्ट होने से स्वास्थ्य और पर्यावरण को , जीपीसीबी के आदेश के बावजूद कार्रवाई में देरी पर कांग्रेस नेता ने कलेक्टर को लिखा पत्र
सूरत। जिले के अंबिका तालुका स्थित कांकरिया गांव में खेती की जमीन पर सूरत नगर निगम का 5,000 टन से अधिक कचरा गैर-कानूनी तरीके से डाले जाने का मामला सामने आया है।
इस कचरे में बायो-मेडिकल वेस्ट भी पाए जाने का आरोप है, जिससे गांव के लोगों की सेहत और पर्यावरण को गंभीर नुकसान पहुंचने की आशंका जताई जा रही है।
गुजरात प्रदेश कांग्रेस कमेटी के जनरल सेक्रेटरी दर्शनकुमार ए. नायक ने इस मामले को लेकर जिला कलेक्टर, नगर आयुक्त, जिला विकास अधिकारी, जिला स्वास्थ्य अधिकारी और गुजरात प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (जीपीसीबी) को लिखित शिकायत देकर तत्काल कार्रवाई की मांग की है।
शिकायत में बताया गया है कि सूरत नगर निगम का खजोद स्थित सॉलिड वेस्ट डिस्पोजल प्लांट होने के बावजूद कचरे को प्रोसेस करने के बजाय उसे करीब 75 किलोमीटर दूर ग्रामीण इलाकों में अवैध रूप से डंप किया जा रहा है।
कांकरिया गांव के सर्वे नंबर 90 की कृषि भूमि पर यह कचरा एक निजी किसान के खेत में डाला गया, जिससे आसपास के खेत, हवा और जल स्रोत प्रभावित हुए हैं।
गांववालों की शिकायत के बाद ग्राम पंचायत कांकरिया ने महुवा पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज कराया। इसके साथ ही तालुका ममलतदार, टीडीओ और तालुका स्वास्थ्य अधिकारी को भी लिखित रिप्रेजेंटेशन दिया गया। मामले की जांच के दौरान जीपीसीबी ने साइट विजिट कर कचरे को वापस सूरत नगर निगम की खजोद साइट पर भेजने के निर्देश दिए हैं।
कांग्रेस नेता दर्शनकुमार ए. नायक ने मांग की है कि यह जांच की जाए कि कचरा किसके आदेश पर और कैसे खेतों तक पहुंचाया गया, क्या सॉलिड वेस्ट डिपार्टमेंट में किसी तरह का घोटाला चल रहा है, और क्या इसमें अधिकारियों की मिलीभगत है। साथ ही दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई और विजिलेंस जांच कराने की भी मांग की गई है।
शिकायतकर्ता ने प्रशासन से आग्रह किया है कि जनता के स्वास्थ्य और पर्यावरण की सुरक्षा को देखते हुए इस गंभीर मामले में तुरंत और प्रभावी कार्रवाई की जाए तथा की गई कार्रवाई की जानकारी सार्वजनिक की जाए।
