मंगलेश पाण्डेय : बीस साल की मेहनत दस साल में कर बनाई कंपनी, 20 से अधिक कर्मचारी करते हैं काम 

 “इंसान यदि ठान ले तो कोई भी मंजिल दूर नहीं। परिश्रम ही सफलता की कुंजी है।”

मंगलेश पाण्डेय : बीस साल की मेहनत दस साल में कर बनाई कंपनी, 20 से अधिक कर्मचारी करते हैं काम 

सूरत निवासी उद्यमी मंगलेश पांडेय ने कठिन परिश्रम और दूरदर्शिता से मात्र दस वर्षों में एक सशक्त व्यवसायिक संस्था की नींव रखी, जिसमें आज 20 से अधिक लोग कार्यरत हैं। मूलतः उत्तर प्रदेश के गोरखपुर के पांडेय ने दीन दयाल उपाध्याय विश्वविद्यालय से स्नातक की पढ़ाई पूरी की और कंप्यूटर शिक्षा प्राप्त की।

वर्ष 2013 में वे अपने परिवार के साथ सूरत घूमने आए थे, लेकिन माता जी की तबियत बिगड़ने के कारण उन्हें यहीं रुकना पड़ा। इसी दौरान उन्होंने नौकरी की तलाश शुरू की और एक लोन डिपार्टमेंट में मार्केटिंग की नौकरी मिली, जिसे डेढ़ साल तक किया। इसके बाद उन्होंने नौकरी छोड़ दी और व्यवसाय की राह पकड़ी।

मंगलेश पांडेय ने बताया कि मैने एक रेस्टोरेंट की शुरुआत की, जो एवेंजर थीम पर आधारित थी और लोगों के बीच काफी लोकप्रिय हुई। उसी दौरान, 2015 में उन्होंने शौर्य मैनेजमेंट कंपनी की स्थापना की, जो EPCG, लोन और सब्सिडी से जुड़े कार्य करती है।

पांडेय ने बताया कि मैंने “जो काम आमतौर पर 20 वर्षों में होता है, मैंने उसे 10 वर्षों में पूरा किया है। यह सब कड़ी मेहनत और संकल्प का नतीजा है।” उनके अनुसार, उनकी कंपनी के ज्यादातर कर्मचारी शुरुआत से ही उनके साथ जुड़े हुए हैं। अब वे इस संस्था को राज्य स्तर पर विस्तार देने की योजना बना रहे हैं।

मंगलेश पाण्डेय व्यवसाय के साथ-साथ समाज सेवा में भी सक्रिय हैं। उन्होंने स्पार्क्स ट्रस्ट की स्थापना की है, जिसके माध्यम से अनाथ और गरीब बच्चों को भोजन, त्योहारों पर वस्त्र वितरण जैसे कार्य किए जाते हैं। इसके अलावा, वे सनातन धर्म के प्रचार-प्रसार के लिए मंदिर निर्माण कार्यों में भी स्वेच्छा से सहयोग राशि प्रदान करते हैं।

मंगलेश पाण्डेय ने बताया कि इंसान यदि ठान ले तो कोई भी मंजिल दूर नहीं। परिश्रम ही सफलता की कुंजी है।

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