भारतीय जनशक्ति, कौशल से ‘न्यू कुवैत’ के निर्माण में मदद मिलेगी: प्रधानमंत्री मोदी

भारतीय जनशक्ति, कौशल से ‘न्यू कुवैत’ के निर्माण में मदद मिलेगी: प्रधानमंत्री मोदी
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शनिवार को कुवैत के उन दो नागरिकों से मुलाकात की, जिन्होंने भारत के दो महत्वपूर्ण ग्रंथों महाभारत और रामायण का अरबी में अनुवाद और प्रकाशन किया है। प्रधानमंत्री ने दोनों ग्रंथों के अरबी संस्करणों की प्रतियों पर हस्ताक्षर भी किए। मोदी कुवैत के अमीर शेख मेशाल अल-अहमद अल-जबर अल-सबा के निमंत्रण पर कुवैत पहुंचे हैं। यह किसी भारतीय प्रधानमंत्री की 43 वर्षों में इस खाड़ी देश की पहली यात्रा है। इससे पहले, तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने 1981 में कुवैत का दौरा किया था।

कुवैत सिटी, 21 दिसंबर (भाषा) प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शनिवार को कहा कि प्रवासी भारतीयों ने कुवैत के ‘कैनवास’ को भारतीय कौशल के रंगों से भर दिया है। उन्होंने आश्वासन दिया कि भारत के पास ‘न्यू कुवैत’ के लिए आवश्यक जनशक्ति, कौशल और प्रौद्योगिकी है।

कुवैत के अमीर शेख मेशाल अल-अहमद अल-जबर अल-सबा के निमंत्रण पर कुवैत की यात्रा पर आए मोदी ने यहां प्रवासी भारतीय समुदाय को संबोधित करते हुए कहा, ‘‘भारत से यहां पहुंचने में आपको चार घंटे लगते हैं लेकिन किसी भारतीय प्रधानमंत्री को कुवैत जाने में चार दशक लग गए।’’

यह किसी भारतीय प्रधानमंत्री की 43 वर्षों में इस खाड़ी देश की पहली यात्रा है।

अगले कुछ सप्ताहों में मनाए जाने वाले त्योहारों की लोगों को शुभकामनाएं देते हुए मोदी ने कहा, ‘‘आप सभी भारत के विभिन्न भागों से आए हैं, लेकिन आप सभी को देखकर ऐसा लगता है जैसे कि यहां एक मिनी हिंदुस्तान एकत्रित हुआ है।’’

उन्होंने कहा, ‘‘हर साल सैकड़ों भारतीय कुवैत आते हैं; आपने कुवैत के समाज में भारतीयता का तड़का लगाया। आपने कुवैत के ‘कैनवास’ को भारतीय कौशल के रंगों से भर दिया है, जिसमें भारत की प्रतिभा, प्रौद्योगिकी और परंपरा का सार भी शामिल है।’’

उन्होंने कहा कि भारत के पास ‘न्यू कुवैत’ के लिए आवश्यक जनशक्ति, कौशल और प्रौद्योगिकी है।