डब्ल्यूटीसी फाइनल : खिताब जीतकर इतिहास रचने उतरेगी टीम इंडिया

(Photo : IANS)

दोनों टीम के खिलाफ हो चुके है अब तक 59 मुक़ाबले, 21 मुकाबलों में भारत जीता

साउथम्पटन, 17 जून (आईएएनएस)| विराट कोहली के नेतृत्व वाली टीम इंडिया शुक्रवार से न्यूजीलैंड के खिलाफ होने वाले विश्व टेस्ट चैंपियनशिप (डब्ल्यूटीसी) के फाइनल मुकाबले में खिताब को जीतकर इतिहास रचने उतरेगी। भारतीय टीम डब्ल्यूटीसी के पहले संस्करण के फाइनल मुकाबले में न्यूजीलैंड टीम का सामना करेगी जिसने हाल ही में इंग्लैंड को उसके घर में दो मैचों की टेस्ट सीरीज में 1-0 से हराया था।
भारत को हालांकि, फाइनल मैच से पहले यहां मैच अभ्यास का भी अवसर नहीं मिला। कोहली की सेना इस मैच में इंग्लैंड में अपने पुराने अनुभव के साथ उतरेगी। भारत ने डब्ल्यूटीसी पीरियड में न्यूजीलैंड के साथ पिछले साल की शुरूआत में टेस्ट सीरीज खेली थी जहां उसे 0-2 से पराजय का सामना करना पड़ा था। उस सीरीज में कीवी गेंदबाजों ने भारतीय बल्लेबाजी क्रम को बिखेर दिया था। डब्ल्यूटीसी फाइनल को देखते हुए इस बारे में चर्चा चली थी कि न्यूजीलैंड के तेज गेंदबाज किस तरह भारतीय बल्लेबाजों को परेशान कर सकते हैं।  
हालांकि, हैम्पशायर बाउल की पिच का इतिहास रहा है कि यहां की पिच स्पिनरों की मदद करती है। इसे देखते हुए भारत इस मैच में रवींद्र जडेजा और रविचंद्र अश्विन को उतार सकता है। पिच जैसी भी हो भारत बल्ले या गेंद से अच्छी शुरूआत करेगा। न्यूजीलैंड के तेज गेंदबाज भारतीय बल्लेबाजों की कमजोरी से अवगत है। ड्यूक्स गेंद जो कूकाबूरा की तुलना में इंग्लैंड में सारे दिन स्विंग करती है, उससे कीवी गेंदबाजों को भारत के खिलाफ फायदा मिल सकता है जिसने एक भी अभ्यास मैच नहीं खेला है।
रोहित शर्मा और शुभमन गिल भारतीय पारी की शुरूआत कर सकते हैं और इन दोनों खिलाड़ियों पर टीम को मजबूत शुरूआत दिलाने की जिम्मेदारी होगी। लेकिन यह दोनों खिलाड़ी इंग्लैंड में टेस्ट में साथ में नहीं उतरे हैं। रोहित ने 2014 में सिर्फ एक बार इंग्लैंड में एक टेस्ट खेला था जबकि शुभमन पहली बार यहां टेस्ट मैच खेलेंगे। पिच क्यूरेटर साइमन ली ने कहा था कि वह चाहते हैं कि इस पिच पर पेस और बाउंस रहे। कीवी टीम के अलावा भारत के पास भी अच्छा तेज गेंदबाजी आक्रमण है जिनके पास इंग्लैंड में खेलने का अनुभव भी है। स्पिन विभाग में टीम इंडिया न्यूजीलैंड की तुलना में कही ज्यादा आगे है। 
एक तरफ कोहली जहां आक्रामक हैं तो वहीं न्यूजीलैंड के कप्तान केन विलियम्सन रिजर्व रहते हैं और अपनी भावनाओं को प्रकट नहीं करते हैं। विलियम्सन का सबसे बड़ा हथियार उनका संयम है और वह खिलाड़ियों को खुलकर खेलने की आजादी देते हैं। भारत और न्यूजीलैंड के बीच अबतक 59 टेस्ट मुकाबले खेले गए हैं जिसमें भारत ने 21 जीते हैं और उसे 12 मुकाबलों में हार का सामना करना पड़ा है। हालांकि, भारत ने कीवी टीम के खिलाफ 16 मुकाबले घर में जीते हैं।
न्यूजीलैंड में भारत ने 25 टेस्ट खेले हैं जिसमें से 10 में उसे हार मिली है और पांच मुकाबले उसने जीते हैं। दोनों टीमों के बीच खिताबी मुकाबला तटस्थ स्थल पर खेला जाना है। भारत को उम्मीद है कि उसे यहां घर जैसा वातावरण मिलेगा।
इस मुकाबले के लिए दोनों टीमें इस प्रकार है :
भारत : रोहित शर्मा, शुभमन गिल, चेतेश्वर पुजारा, विराट कोहली (कप्तान, अजिंक्य रहाणे, हनुमा विहारी, ऋषभ पंत (विकेटकीपर), रविचंद्रन अश्विन, रवींद्र जडेजा, जसप्रीत बुमराह, इशांत शर्मा, मोहम्मद शमी, मोहम्मद सिराज, उमेश यादव और रिद्धिमान साहा।
न्यूजीलैंड : केन विलियम्सन (कप्तान), टॉम ब्लंडेल, ट्रेंट बोल्ट, डेवोन कॉनवे, कॉलिन डी ग्रैंडहोम, मैट हेनरी, काइल जैमिसन, टॉम लाथम, हेनरी निकोलस, एजाज पटेल, टिम साउदी, रॉस टेलर, नील वेगनर, बीजे वाटलिंग और विल यंग।

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