वाह! सूरत-भरूच के कैदी जेल से ही पढ़ाई करेंगे!

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कैदियों की पढ़ाई के लिए एक बैरक को बदला गया पूरी तरह से स्कूल में, लाइब्रेरी, क्लासरूम और बेंच सभी चीज की है व्यवस्था

पढ़ाई करने का अधिकार सभी को है। इस अधिकार से खुद वह भी वंचित नहीं है, जो किसी न किसी कारणसर फिलहाल जेल में है। सरकार द्वारा जेल में रहे कैदियों के समाज के अच्छे नागरिक बनाने के लिए हर संभाव प्रयास किया जाता है। जिसके प्रयास स्वरूप उनकी उच्च शिक्षा की सभी जरूरतें भी वह पूरी करता है। सरकार द्वारा दिये जा रहे इस मौके का फायदा उठाते हुये सूरत और भरूच जिला में जेल में कैदियों ने उच्च अभ्यासक्रम के लिए तैयारी शुरू की है। शैक्षणिक वर्ष 2020-21 के लिए 117 कैदियों ने दक्षिण गुजरात यूनिवर्सिटी, इग्नू और डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर यूनिवर्सिटी सहित अलग-अलग यूनिवर्सिटियों में फॉर्म भरे हैं। जेल में कैद कैदी वहां रहकर भी पढ़ाई कर सकें इसलिए इग्नू, बाबासाहेब आंबेडकर ओपन यूनिवर्सिटी की ओर से जेल में सेंटर शुरू किए गए हैं।
सूरत जिला जेल में एकेडमिक मामलों के इंचार्ज जयदीप सिंह ने बताया कि 2020-21 में वीर नर्मद दक्षिण गुजरात यूनिवर्सिटी के एक्सटर्नल कोर्स के लिए 10 क़ैदियों ने फॉर्म भरे हैं। जिसमें फर्स्ट ईयर बीए में 5, सेकंड ईयर बीए में 3 और थर्ड ईयर बीए में 1 तथा एमए पार्ट वन में 1 कैदी ने फॉर्म भरा है। वहीं डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर ओपन यूनिवर्सिटी के सर्टिफिकेट फॉर एनवायरमेंट अवेयरनेस में 12 और इग्नू ओपन यूनिवर्सिटी में फूड एंड सैटिफिकेट कोर्स में 54 कैदियों ने फॉर्म भरे है। 
कैदियों के पढ़ाई लिखाई के लिए एक बैरक को पूरी तरह से स्कूल में कन्वर्ट कर दिया गया है। बोर्ड की परीक्षा के लिए इस साल भी 21 कैदियों ने फॉर्म भरे हैं। बीते साल जेल का बोर्ड का परिणाम 100% आया था। इसके अलावा भरूच जिला के जेल सुप्रि. आर वी चौधरी ने बताया कि डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर ओपन यूनिवर्सिटी के सर्टिफिकेट ऑफ फूड एंड न्यूट्रिशन कोर्स के लिए 39 पुरुष कैदी और 2 महिला कैदियों ने फॉर्म भरे हैं। जबकि की बीए की वार्षिक पढ़ाई के लिए दो कैदियों ने फॉर्म भरा है। जेल में लाइब्रेरी से लेकर क्लासरूम और बेंच तक की भी व्यवस्था की गई है।

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