विश्व पर्यटन दिवस : कोरोना महामारी के बीच भी 1 करोड़ से अधिक लोगों ने किए गुजरात विभिन्न स्थानों के दर्शन

दुनिया भर में आज वर्ल्ड टूरिज़म डे मनाया जा रहा है। ऐसे में आज हम आप को गुजरात की प्रवासनक्षेत्र की प्रगति के बारे में बात करने जा रहे है। गुजरात राज्य टूरिज़म लगातार विकसित हो रहा है। कोरोना महामारी के बीच भी 1 करोड़ से अधिक लोगों ने गुजरात में आए विभिन्न स्थलों की सैर की थी। 
गुजरात टूरिज़म विभाग के अनुसार, गुजरात में औसतन हर महीने 50 लाख प्रवासियों ने सैर की थी। बता दे की गुजरात में 300 से भी अधिक यात्रा स्थल है। जिसमें 117 धार्मिक स्थल, 21 बीच, 7 बर्ड वोचिंग साइट, 49 इको टूरिज़म साइट, 5 गांधी सर्किट साइट, 58 हेरिटेज साइट, 52 म्यूजियम, 19 विकेंड साइट का समावेश होता है।
राज्य के पर्यटन विभाग के अनुसार, साल 2018-19 में 575.91 लाख, 2019-20 में 609.29 लाख प्रवासी रजिस्टर हुये थे। सोमनाथ, द्वारका, अंबाजी सहित 117 स्थलों पर यात्राधाम काफी विकसित है। इसके अलावा गुजरात के विशाल समंदर किनारे के कारण कई बीच भी यात्रियों के आकर्षण का केंद्र बने है। शिवराजपुर, मांडवी सहित 21 बीचों पर यात्रियों की भीड़ बनी रहती है। 
इसके अलावा प्रकृतिप्रेमियों के लिए वॉटरफॉल, वाइल्डलाइफ सेंचुरी, तालाब जैसे अन्य इको टूरिज़म डेस्टिनेशन भी उपलब्ध है। साथ में अड़ी कड़ी वाव, बौद्ध गुफाएँ, राज महल और अड़ालाज की वाव जैसे ऐतिहासिक स्थल भी काफी मशहूर है। राज्यभर में 52 म्यूजियम है जिसमें कई तरह की कलाकृतियाँ रखी गई है। 
गिर नेशनल पार्क, मरीन नेशनल पार्क, वासंदा नेशनल पार्क सहित 19 विकेंड साइट भी यात्रियों का विकेंड मूड बनाने में काफी फेमस है। उसके अलावा देशभर में एक मात्र सिंह अभयारण्य भी घूमने लायक है। इन सबसे हटके, नई बनी स्टेच्यु ऑफ यूनिटी ने तो दुनिया भर के यात्रियो को अपनी और आकर्षित किया है तथा वर्ल्ड हेरिटेज साइट बनने के बाद चांपानेर में यात्रियों की आवाजाही बढ़ी है। 

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