सूरत के धर्मादा ट्रस्ट फंड का उपयोग ऑक्सिजन प्लान्ट के लिए करेः दर्शन नायक

प्रतिकात्मक तस्वीर

सूरत और तापी जिले में ऑक्सिजन प्लान्ट स्थापित करने की मांग के साथ किसान अग्रणी दर्शन नायक ने धर्मादा ट्रस्टों तथा सहकारी मंडली को दान की अपिल की ।

सूरत- तापी जिले में दो ऑक्सिजन प्लान्ट कार्यरत करने पर कायमी रुप से वेन्टिलेटर, ऑक्सिजन और आईसीयु की सुविधा प्राप्त होगी 
सूरत तथा तापी जिले में दो ऑक्सिजन प्लान्ट स्थापित करने से कायमी रूप से मंडली, ट्रस्ट और निजि अस्पतालों में वेन्टिलेटर, आईसीयु बेड की सेवा उपलब्ध होगी जिसका लाभ ग्रामीण प्रजा को मिलेगा और शहर के अस्पतालों से मरीजों का दबाव कम होगा। महामारी के बाद ऑक्सिजन की आपूर्ति सहकारी संस्थाओं को दी जाए। इस लिए पीएम और सीएम राहत फंड के सेाथ सहकारी संस्थाओं से भी फंड प्राप्त किया जा सकता है। 
सूरत जिला पंचायत के पुर्व ‌विपक्षी नेता तथा किसान अग्रणी दर्शन नायक ने सहकारी मंडलीओं को पत्र लिखकर सुचित किया है कि पिछले एक साल से भयंकर कोरोना महामारी का समय चल रहा है। सूरत और तापी जिले के दुरदराज और सीमावर्ती सहित सभी गांवों में कोविड मरीजों की संख्या और संक्रमण दिनबदिन बढ़ रहा है। कोरोना महामारी से गांवो में गरीब, श्रमिक, मजदुर और किसान परिवारों में से कई लोगों की मौत हो चुंकी है और हजारों मरीज अस्पताल तथा घरों में चिक्तिसा ले रहे है। पिछले साल वर्ष 2020 में कोरोना की लहर में स्वास्थ सुविधा के लिए आर्थिक सहायता के लिए मई महिने में पीएम राहत फंड से 3 करोड रुपये और मुख्यमंत्री राहत फंड में सहकारी मंडलीओने, सहकारी बेंकोने, अर्बन बेन्को, सहकारी डेयरी तथा अन्य छोटी बडी सहकारी मंडलीओं की ओर से राहत सरकार को जिले में से दि गई थी। यह काम लोकहीत में मानवता का कार्य है और यथायोग्य आर्थिक सहयोग हर नागरिक को देना चाहिए इसमें कोई दोराय नही है। पीएम तथा मुख्यमंत्री राहत फंड से सूरत और तापी जिले में दो जगह पर ओक्सिजन प्लान्ट कार्यरत करने चाहिए और बाकी अन्य सुविधाओं के लिए स्थानिय अस्पताल और ट्रस्ट की अस्पतालों में आईसीयु बेड की सुविधा प्रदान करनी चाहिए। सहकारी संस्थाओं को प्लान्ट में ऑक्सिजन की जरूरत होती है जब जिले में ही ऐसे प्लान्ट कार्यरत रहेगे तो मेडिकल इमरजेन्सी के समय और अन्य समय पर सहकारी संस्थाओं को आसानी से ऑक्सिजन मिल पायेगा। लोगों की स्वास्थ सुविधा के लिए ऑक्सिजन समस्या का हंमेशा के लिए अंत आ जायेगा। इसके अलावा दुध उत्पादक तथा गन्ना पकानेवाले किसान और सहकारी संस्थाओं द्वारा सायण में जीवनरक्षा अस्पताल, कीम में साधना अस्पताल, कामरेज में दिनबंधु अस्पताल, चलथाण में संजीवनी अस्पताल, बारडोली में सरदार अस्पताल और तापी जिले के व्यारा में जनक अस्पताल तथा ट्रस्ट एवं निजि अस्पताल राहत दर पर गांवो के लोगों तथा गन्ना मजदुरो की चिकित्सा करते है। सूरत और तापी जिले में करीबन 30 लाख की आबादी को ध्यान में रखते हुए वर्तमान कोरोनाकाल के दौरान जिले में वेन्टिलेटर, ऑक्सिजन बेड आईसीयु युनिट की सुविधा कायमी रुप से प्रदान करनी चाहिए। पीएम और सीएम राहत फंड के अलावा अगर फंड की जरूर पडती है तो सहकारी संस्थाए, मंडली, धर्मदा संस्थाओं से आर्थिक सहयोग लेकर जिले की आबादी को जल्द से जल्द स्वास्थ सुविधा देनी चाहिए। 

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