इस मंदिर ने बिना एक भी रुपया लिए 7000 मरीजो का किया इलाज

(Photo Credit : khabarchhe.com)

मरीज के साथ-साथ उनके परिजनों के रहने और खाने-पीने का भी किया इंतजाम

कोरोना महामारी के कठिन समय में देश के कई धार्मिक स्थलों ने अपने दरवाजे मरीजों की सेवा के लिए खोल दिये थे। कहीं मंदिरों को ही अस्पताल में बदल दिया गया तो कही मंदिर द्वारा कोविड केर सेंटर तैयार किया गया। कुछ इसी तरह शिरडी के साईं मंदिर ने भी लोगों की सेवा के लिए अपने दामन को खोल दिया था। कोरोना के कारण मंदिर को 83 प्रतिशत दान कम मिला था, पर इस बीच भी मंदिर के ट्रस्ट द्वारा कोरोना मरीजों की सेवा में कोई कमी नहीं रखी गई। ट्रस्ट द्वारा चलाये जा रहे कोविड अस्पताल में अब तक 7 हजार से अधिक मरीज ठीक हो चुके है, जिनका पूरा इलाज ट्रस्ट द्वारा ही किया गया था। इस दौरान मरीज और मरीज के परिवार के लिए रहने और खाने-पीने की व्यवस्था भी मंदिर के ट्रस्ट द्वारा ही की गई थी। 
बता दे की शिरडी के साईं बाबा भक्तों के बीच काफी प्रसिद्ध है। साल 2018 में 1.65 करोड़ श्रद्धालु दर्शन के लिए शिरडी साईं धाम पहुंचे थे। साल 2019 में 1.57 करोड़ श्रद्धालुओं ने मंदिर के दर्शन किए, लेकिन साल 2020 में कोरोना के कहर के चलते मंदिर को बंद करना पड़ा। पहली लहर के बाद जब मंदिर खुला तो 16 नवंबर से 21 दिसंबर के बीच 5.74 लाख श्रद्धालुओं ने दर्शन किए। पर साल 2021 में 1 जनवरी से 5 अप्रैल के बीच श्रद्धालुओं की संख्या मात्र 62 हजार ही रही। कोरोना महामारी को देखते हुए ट्रस्ट ने अप्रैल 2020 में कोविड अस्पताल बनाया और यहां मरीजों का मुफ्त में इलाज शुरू किया। 
अस्पताल के बनने के बाद से अब तक बाबा के धाम से 7,000 से अधिक मरीज ठीक हो चुके हैं। ट्रस्ट की टीम जो पहले श्रद्धालुओं की सेवा में लगी थी, अब मरीज की सेवा में लगी है। शिरडी ट्रस्ट ने द्वारा जो 640 बेड का कोविड अस्पताल बनाया है। इसमें 140 ऑक्सीजन बेड और 20 वेंटिलेटर बेड हैं। हालांकि कोविड के लिए कुल तीन जगहों की व्यवस्था की गई है। यदि तीनों जगह का मिलकर देखा जाये तो लगभग डेढ़ हजार से अधिक बेड की सुविधा है। यहां इलाज करा रहे मरीजों के साथ परिवार के सदस्यों के रहने और खाने की भी व्यवस्था भी ट्रस्ट द्वारा ही की जा रही है।
कोरोना काल में मंदिर ट्रस्ट को काफी कम दान मिला था। फिर भी ट्रस्ट द्वारा मरीजों की सेवा करने में कोई भी कमी नहीं आने दी गई है। बता दे मंदिर ट्रस्ट को साल 2018-19 में 428 करोड़ रुपये का चंदा मिला था। इसके अलावा 24.795 किलोग्राम सोना और 428.555 किलोग्राम चांदी भी उसी साल मिली थी। इसी तरह वर्ष 2019-20 में 357 करोड़ रुपये का चंदा ,17.90 किलोग्राम सोना और 357.492 किलोग्राम चांदी चंदे के स्वरूप में मिली थी। वहीं कोरोना काल में यानी 1 अप्रैल 2020 से मई 2021 में ट्रस्ट को ऑनलाइन 62 करोड़ रुपये का दान मिला, यानी पिछले साल के मुकाबले 295 करोड़ रुपये कम। 

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