ये अच्छा है; भाईसाब ने घर के बाहर लगाया संदेश, ‘मेहमान न आएं, आवश्यक हो तो नैगेटिव रिपोर्ट साथ लाएं!’

प्रतिकारात्मक तस्वीर

कोरोना काल में जान की सलामती पहले, सबकी सलामती के लिए अधिक से अधिक घर में रहे

गुजरात में एक बार फिर से कोरोना वायरस का संक्रमण बढ़ रहा है। ऐसे में कोरोना के संक्रमण से बचने के लिए सरकार लोगों से नियमों का पालन करने की अपील कर रही है। साथ ही नियम तोड़ने वालों को दंडित भी किया जा रहा है। दूसरी ओर गुजरात के व्यापारी भी कोरोना के प्रसारण को रोकने और सरकार का सहयोग करने के लिए स्वेच्छिक बंद कर रहे हैं। व्यापारी के अलावा गाँवों में भी सावधानी रखी जा रही है। कुछ गाँवों में बाहर के लोगों के प्रवेश पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। ऐसे में उत्तरी गुजरात बढ़ते संक्रमण को देखते हुए बनासकांठा जिले के अमीरगढ़ तालुका में एक व्यापारी में अपने घर के बाहर एक सुचना-बोर्ड लगा दिया है। जो की इस समय के अनुसार काफी उपयुक्त है। 
व्यापारी ने जो बोर्ड लगाया है उसमें व्यापारी ने अपने घर में मेहमानों को ना आने की विनंती की है और इस पर भी अगर कोई आना चाहता हो तो उसके लिए कोरोना परिक्षण की नेगेटिव रिपोर्ट रखने की मांग की है। बिना रिपोर्ट वाले मेहमानों के प्रवेश पर प्रतिबंध लगा दिया है। ऐसा करने वाले व्यापारी का नाम प्रवीण अग्रवाल है। प्रवीण अग्रवाल ने परिवार के सदस्यों और पड़ोसियों की सलामती को देखते हुए ये कदम उठाया है।
(Photo Credit : dainikbhaskar.com)
आपको बता दें कि व्यापारी अग्रवाल ने अपने घर के बाहर एक बोर्ड लगाया है जिसपर लिखा है, "जैसा कि इस समय कोरोना महामारी अपने चरम पर है, ऐसे समय में कोई भी अतिथि के रूप में ना आए और यदि अत्यंत आवश्यक हो तो अपनी नकारात्मक रिपोर्ट साथ लेकर ही आए, तभी उन्हें अनुमति दी जाएगी। इस समय अभी आपका और हमारा जीवन अनमोल हैं। जितना हो सके घर पर रहें, स्वस्थ रहें, मास्क पहनें, हाथों को बार-बार साफ करें। आभार इकबालगढ़।" 
गौरतलब है कि पिछले दिनों किसी शादी या अंतिम संस्कार में इकट्ठा हुए लोगों के कोरोना से संक्रमित होने के मामले सामने आए हैं। एक ही परिवार के 5 या 10 सदस्य कोरोना से संक्रमित पाए गए हैं। दूसरी ओर, कुछ दिन पहले, गुजरात उच्च न्यायालय ने सरकार से लॉकडाउन करने को कहा था लेकिन सभी परिस्थितियों को देखते हुए मुख्यमंत्री विजय रूपानी की मौजूदगी में आयोजित हाई पावर कमेटी की बैठक ने 20 शहरों में रात के कर्फ्यू का फैसला किया और सुझाव दिया कि शादी के लिए केवल 50 लोग इकट्ठा हों।

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