PM नरेन्द्र मोदी के हाथों उद्घाटित दुनिया के चौथे सबसे बड़े हवाईअड्डे की ये हैं खासियतें

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इस एयरपोर्ट के साथ उत्तर प्रदेश पांच इंटरनेशनल एयरपोर्ट रखने वाला भारत का एकमात्र राज्य

आज पीएम नरेंद्र मोदी ने जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट का शिलान्यास कर दिया है। इस मौके पर उन्होंने सीएम योगी को कर्मयोगी बताते हुए राज्य में हुए विकास के कार्यों को गिनाया तो वहीं विपक्षी दलों पर भी जमकर तीर चलाए। उत्तर प्रदेश के गौतम बुद्ध नगर के जेवर में स्थित नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट दिल्ली से लगभग 80 किमी दूर है। एयरपोर्ट के पहले चरण का विकास 10,050 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से किया जा रहा है।
इस एयरपोर्ट की बात करें तो जेवर एयरपोर्ट 13 सौ हेक्टेयर से अधिक भूमि में फैला हुआ है और इसका पहला चरण 2024 तक पूरा हो जाएगा। इसकी क्षमता एक वर्ष में लगभग 1.2 करोड़ यात्रियों को संभालने की होगी। सभी चारों चरण पूरा होने के बाद यह क्षमता बढ़कर सात करोड़ यात्रियों तक पहुंच जाएगी। शुरुआत में जेवर हवाअड्डे पर दो हवाईपट्टियां चालू होंगी। इस हवाईअड्डे के विकास का ठेका ज्यूरिख एयरपोर्ट इंटरनेशनल को दिया गया है।
इस एयरपोर्ट के बन जाने के साथ ही उत्तर प्रदेश पांच इंटरनेशनल एयरपोर्ट रखने वाला भारत का एकमात्र राज्य बन जाएगा। उत्तर प्रदेश के अलावा तमिलनाडु और केरल में  4-4 इंटरनेशनल एयरपोर्ट हैं। इससे पहले उत्तर प्रदेश में कुशीनगर में इंटरनेशनल एयरपोर्ट शुरू हुआ है। इसके साथ ही अयोध्या में इंटरनेशनल एयरपोर्ट का काम चल रहा है।
खासियत की बात करें तो नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर ग्राउंड ट्रांसपोर्टेशन सेंटर, मल्टी माडल ट्रांजिट केंद्र, मेट्रो और हाई स्पीड रेलवे के स्टेशन, टैक्सी, बस सेवा और निजी वाहन पार्किंग जैसी सुविधा मौजूद होगी। एयरपोर्ट को मेट्रो सेवा के जरिये भी जोड़ा जायेगा। इसके साथ ही यमुना एक्सप्रेस-वे, वेस्टर्न पेरीफेरल एक्सप्रेस-वे, ईस्टर्न पेरीफेरल एक्सप्रेस-वे, दिल्ली-मुम्बई एक्सप्रेस-वे को भी एयरपोर्ट से जोड़ा जाएगा।
सबसे खास ये है कि नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट भारत का पहला ऐसा एयरपोर्ट होगा, जहां शून्य उत्सर्जन होगा। एयरपोर्ट के एक हिस्से को परियोजना स्थल से हटाये जाने वाले वृक्षों को लगाने के लिए इस्तेमाल किया जाएगा। पीएमओ के अनुसार पहले चरण के लिए भूमि अधिग्रहण से संबंधित और प्रभावित परिवारों के पुनर्वास का काम पूरा कर लिया गया है। जेवर एयरपोर्ट का विकास यमुना इंटरनेशनल एयरपोर्ट प्राइवेट लिमिटेड (वाइआइएपीएल) करेगी जिसमें ज्यूरिख एयरपोर्ट इंटरनेशनल की 100 प्रतिशत हिस्सेदारी है। नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के संचालन के लिए गठित कंपनी एनआइएएल की वाइआइएपीएल में एक प्रतिशत हिस्सेदारी होगी।

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