चूने के सेवन के ये हैं लाभ, जान लीजिए आज

प्रतिकात्मक तस्वीर

कैल्शियम का सबसे बड़ा स्त्रोत, गर्भवती महिला के लिए है वरदान

क्या आप पान खाते हैं? अरे नहीं हम आपको पान खाने के बारे में कुछ नहीं बता रहे है पर अगर आप पान खाते हो या आप किसी पान-तम्बाकू खाने वाले को जानते है तो आप ये भी जानते होंगे कि पान के साथ चूना भी खा लिया जाता है। हो सकता है कि आपको जानकर हैरानी हो कि चूना सिर्फ स्वाद के लिए नहीं खाया जाता बल्कि हमारे आयुर्वेद ने चूने को बहुत ही गुणकारी बताया है। 
दरअसल चूना सबसे बेहतरीन वातनाशक औषधि माना गया है। इसके अलावा चूना शरीर में कैल्शियम की कमी को भी दूर करता है। शरीर में कैल्शियम की कमी से मांसपेशियों और हड्डियों के रोग होते हैं। शरीर में कैल्शियम की कमी से कई विकार हो जाते हैं। कैल्शियम की कमी से हड्डियों के अलावा रक्त संबंधी कई बीमारियां हो सकती हैं। चिकित्सकों का मानना है कि कैल्शियम की कमी से कफ का रोग भी होता है।
गर्भावस्था के दौरान चूना का सेवन बच्चे और माँ दोनों के लिए फायदेमंद साबित होता है। आपको बता दें कि किसी भी गर्भवती महिला को कैल्शियम की विशेष आवश्यकता होती है। एस एमें चूने को कैल्शियम के सबसे अच्छे स्रोतों में से एक माना गया है। इसके लिए गर्भवती महिला को इस तरह चूने का सेवन करना चाहिए। किसी गर्भवती महिला को चूने का सेवन कराने के लिए एक गिलास अनार का रस लें, इसमें एक ग्राम चूना मिलाएं और नौ महीने तक इसका नियमित सेवन करने को दें। इस तरह, अगर एक गर्भवती महिला नौ महीने तक चूने का सेवन करती है, तो उसके प्रसव के दौरान कम असुविधा होगी और सामान्य प्रसव होगा। इसके अलावा, बच्चा भी स्वस्थ पैदा होता है। साथ ही माँ के चूने के सेवन से नवजात जीवन में जल्दी बीमार नहीं पड़ता है और वह स्वस्थ रहता है। इसके अलावा बच्चा चालाक और अधिक बुद्धिमान बनता है।
हमारी रीढ़ की हड्डी में अंतराल बढ़ाने और रीढ़ की समस्याओं के कारण चूना बहुत फायदेमंद है। हड्डियों के टूट जाने पर चूना सबसे प्रभावी होता है। टूटी हुई हड्डियों के तेजी से ठीक होने के लिए रोज सुबह खाली पेट चूना खाना चाहिए। यह घुटने, पीठ और कंधे के दर्द को भी ठीक करता है।
मुंह में संवेदनशीलता का मतलब है कि कुछ भी गर्म या ठंडा होने पर दांतों में दर्द! के साथ ही मुंह में छाले भी हो सकते हैं, इसे चूने का पानी से ठीक किया जा सकता है। जिन लोगों को हीमोग्लोबिन की कमी होती है और साथ ही एनीमिया जैसी समस्या होती है उन्हें संतरे के रस के साथ गेहूं के दाने के बराबर चूने का सेवन करना चाहिए। इससे शरीर तेजी से रक्त का उत्पादन करेगा।
चूना सभी प्रकार के रोगों से दांतों को बचाता है और दांतों को मजबूत बनाता है। यदि कोई व्यक्ति दांत दर्द से पीड़ित है तो वह किसी भी भोजन या पेय में चूने के पाउडर को मिलाकर सेवन कर सकता है। रोगी पान के पत्ते या पानी के साथ भी चूने का उपभोग कर सकते हैं।
चूने का उपयोग कभी भी गेहूं के दाने के आकार से ज़्यादा नहीं करना चाहिए। इसके स्वास्थ्य लाभों को उठाने के लिए और रोगों के इलाज के लिए आप किसी भी भोजन या पेय में मिलाकर सुबह खाली पेट ले सकते हैं। इसे दही, पानी, पान (सौंफ, इलाइची और गुलकंद के साथ), दाल, संतरे, अनार या गन्ने के रस आदि के साथ मिलाकर इसका सेवन कर सकते हैं। चूने का नियमित रूप से 15 दिनों तक सेवन करना चाहिए और फिर कुछ दिनों के लिए छोड़ देना चाहिए। छह महीने तक ऐसा करने से शरीर में कैल्शियम की कमी दूर होगी। और इसके साथ कई समस्याएं दूर हो जाएंगी। आपको यह जानकर आश्चर्य होगा कि आयुर्वेद के महान आचार्य वाग्भट्ट ने चूने के कई लाभों का उल्लेख किया है। उन्होंने यह भी कहा कि जब भी आप पान खाते हैं तो आपको चूने के साथ खाना चाहिए।

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