कोरोना की तीसरी लहर ने इवेंट इंडस्ट्री का बेड़ा गर्क किया; मंडप, कैटरिंग, होटल वालों को नुकसान

प्रतिकात्मक तस्वीर

नये साल में मकर संक्रांति के बाद नई सीजन में पुराना नुकसान भरपाई करने की थी उम्मीद

कोरोना की तीसरी लहर जिस तेजी से बढ़ रही है, उससे हर कोई आश्चर्यचकित और डरा-सहमा है। सूरत में गुरुवार को कोरोना महामारी में एक दिन में सर्वाधिक पोजीटीव केसों का रिकॉर्ड टूटा है। सूरत शहर में 2500 से अधिक कोरोना केस एक ही दिन में सामने आये हैं। इस तीसरी लहर ने सूरत के कपड़ा उद्योग में एक बार फिर मंदी की हवा बना दी है। विशेष रूप से मंडप, कैटरिंग, होटल और इवेंट इंडस्ट्री का तो मानो कोरोना की तीसरी लहर ने बेड़ा गर्क कर दिया है। 
कोरोना की पहली और दूसरी लहर के दौरान भी सर्वाधिक प्रभावित इंडस्ट्री में ये ही उद्योग शामिल थे। शादी-ब्याह होने बंद हो गये थे। लोग घरों से बाहर नहीं निकल रहे थे। दो लहरों के दौरान लॉकआउट का भी झमेला था। जब लॉकआउट खत्म हुआ तो छोटे पैमाने पर शादी-ब्याह और अन्य सार्वजनिक प्रसंग होने भी लगे। दूसरी लहर समाप्त होने तक कड़ी आर्थिक चोट झेल चुके उद्यमी ऐसी आस बंधाऐ हुए थे कि 2022 के नये साल में मकर संक्रांति के बाद नई सीजन में पुराना नुकसान भरपाई कर लेंगे। लेकिन कोरोना की तीसरी लहर ने सब चौपट कर दिया है। 
यद्यपि इस बार कोरोना की तीसरी लहर में लॉकडाउन जैसे हालात नहीं हैं। लेकिन कोरोना के मामले पहले की तुलना में बड़ी तेजी से बढ़ रहे हैं। इसी कारण सरकार को भी जहां पहले सार्वजनिक प्रसंगों में 400 लोगों को एकत्रित करने की छूट दी थी, उसे घटाकर सप्ताह भर में ही 150 लोग करना पड़ा है। अब 150 लोगों के यदि ब्याह आदि के कार्यक्रम हुए तो अनुमान लगा सकते हैं कि मंडप, कैटरिंग, होटल और इवेंट इंडस्ट्री से ज़ुड़े लोगों के राजस्व पर कितना प्रतिकुल प्रभाव पड़ेगा। 
जानकारों का मानना है कि कोरोना की तीसरी लहर फरवरी के अंत और मार्च महीने के शुरुआत में अपने चरम पर पहुंचेगी और जिस प्रकार से केस बढ़ रहे हैं, लगता है कि  सरकार को एतिहातन और भी कड़े कदम उठाने पड़ें। ऐसे में आने वाले दो-तीन महीनों में लोगों के एकत्र होने में संख्या की दृष्टि से छूट मिलना संभव नहीं दिख रहा। ऐेसे में उद्योग से जुड़े लोगों का मानना है कि आने वाले तीन-चार महीनों की शादी की सीजन तो चौपट हो ही गई समझो। 
तीसरी लहर के पनपने के कारण लोग भी अपने शादी के आयोजनों को या तो रद्द कर रहे हैं या आगे बढ़ा रहे हैं। होटल वालों ने भी फरवरी-मार्च की बुकिंग को रद्द करने की बजाय आगे के महीनों में बढ़ाने के विकल्प देने शुरु कर दिये हैँ। उधर डेस्टिनेशन मैरेज के बुकिंग पर भी तलवार लटक रही है क्योंकि तीसरी लहर से लोग ‌अब ट्रेवेलिंग से भी कतराने लगे हैं। घरेलू उड़ानों में यात्रियों की संख्या आधी से भी कम रह गई है। प्रदेश में इंटरसीटी बसों की सेवा पहले ही रोक दी  गई है। उम्मीद करते हैं कि उद्यमियों के लिये अच्छे दिन जल्द आएं और तीसरी लहर जल्द से जल्द समाप्त हो।

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