थाईलैंड : अपने भक्तों को मल-मूत्र खिलाने वाले पाखंडी को पुलिस ने हिरासत में लिया

ये बाबा अपने भक्तों को अपना मलमूत्र खिलाकर उनकी बीमारियों को ठीक करने का दावा करता था

अंधविश्वास की भी एक सीमा होती है। सिर्फ भारत में ही नहीं बल्कि विदेशों में भी पाखंडी बाबाओं की भरमार है। इस देश में ऐसे कई मामले सामने आ चुके है जबकि अब विदेश से भी एक ऐसा मामला सामने आया है जहां अंधविश्वास के नाम पर लोग बिना सोचे समझे कुछ भी करने को तैयार हो जाते है।
आपको बता दें कि अंधविश्वास के नाम पर कुछ थाई लोगों ने जो किया, उसे जानकर आपको झटका लगेगा। ऐसा ही एक मामला थाईलैंड में सामने आया है, जहां पुलिस ने एक पाखंडी को गिरफ्तार किया है। पाखंडी के साथ-साथ, यह बाबा घिनौना निकला, जो अपने भक्तों को अपना मलमूत्र खिलाकर उनकी बीमारियों को ठीक करने का दावा करता था। इस बाबा पर अपने अनुयायियों को प्रसाद के रूप में मल-मूत्र देने का आरोप लगा है और लोगों ने भी इसे बड़े चाव से खाया था। बाबा ने घने जंगल के बीच में अपना आश्रम स्थापित किया था और वह अपना गंदा धंधा चला रहे थे।  उसके बारे में कहा जाता है कि वह महिलाओं के साथ दुर्व्यवहार भी करता है।
इस बारे में पुलिस ने कहा कि उसके आश्रम से ग्यारह शव मिले हैं। पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि जो 11 शव मिले है वो किसके है और उन्हें किसने और क्यों मारा। स्थानीय मीडिया ने कहा कि माना जा रहा है कि ये बाबा के अनुयायियों के शव हैं।  पुलिस को शव ताबूतों में लिपटे हुए मिले। घटना थाईलैंड के चियापुरम की है।
आपको बता दें कि इस बाबा का नाम थवी नानारा है और इनकी उम्र 75 साल है। इस पाखंडी बाबा के बारे में कहा जाता है कि उनके अनुयायी बाबा प्रसाद के रूप में मूत्र और मलमूत्र देते थे।  रिपोर्ट के मुताबिक, पुलिस को सूचना मिली थी कि थवी नानारा ने लोगों की जमीन पर अवैध कब्जा किया हुआ है। वहीं, बाबा द्वारा कोरोना के नियमों का उल्लंघन करने का भी पर्दाफाश हुआ। महिला के लापता होने की शिकायत भी पुलिस में दर्ज कराई गई है। वादी ने कहा कि महिला बाबा के पास गई और वापस नहीं आई।

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