सूरत : कोरोना की दूसरी लहर शिथिल पड़ रही, अभी से करनी होगी तीसरी की तैयारी ताकि नुकसान कम हो!

नई सिविल में ऑक्सीजन की खपत में वृद्धि

सूरत शहर में कोरोना धीरे धीरे घट रहा है। शहर कोरोना से ठीक होने वालों का रिकवरी रेट बढ़ा है। कुछ दिनों पहले इमरजेंसी सर्विस 108 में 339 कॉल आते थे जो कि घटकर अब 95 पर पहुंच गए हैं। 104 हेल्पलाइन पर भी दिन में 32 कॉल दर्ज हो रहे हैं। कोरोना संक्रमित से ठीक होने का रेट भी 26% से कम होकर 3% पर पहुंच गया है। शहर में 14 अप्रैल के बाद कोरोना संक्रमण तेजी से बढ़ा था। यूके,अफ्रीकन और डबल म्यूटन के कारण कोरोना के मरीजों की संख्या में धड़ल्ले से तेजी आई थी। जिसके चलते राज्य सरकार ने स्पेशल अधिकारी के तौर पर एम थेन्नारासन और अन्य कई अधिकारियों को तुरंत भेजा था। इसके बावजूद धनवंतरि रथ,संजीवनी, एक्टिव सर्वेलन्स के मदद से पालिका ने अपने प्रयास जारी रखे थे जिसके चलते शहर में है कोरोना संक्रमितों की संख्या घटी है।
(Photo : Youtube)
घट रहे मरीज,ऑक्सीजन बेड की मांग घटी
कोरोना की प्रथम लहर में सूरत में 231 लोग वेंटिलेटर पर थे जो कि दूसरी लहर में बढ़कर 1200 तक पहुंच गए थे। ऑक्सीजन के 1600 बैड थे जो कि बढ़ाकर 5600 तक करने पड़े। फिलहाल हॉस्पिटलों में बेड की समस्या भी कम होते नजर आ रही है। निजी अस्पतालों में भी ओपीडी घटी है। इतना ही नहीं कोरोनावायरस से संक्रमित होने का दर 26% से घटकर 3% हो गया है। प्रशासन ने कोरोना के तीसरे लहर से लड़ने की तैयारी शुरू कर दी है। मनपा कमिश्नर बंछानिधि पाणी ने बताया कि फिलहाल कोरोना पर काबू पाया जा रहा है, लेकिन तीसरी लहर कैसी होगी यह कहा नहीं जा सकता। जानकारों से इस बारे में चर्चा विचारणा की जा रही है। तीसरी लहर में कोरोना के अलग वैरीअंट सामने आ सकते हैं। इसलिए विदेश की यूनिवर्सिटी से भी बातचीत की जाएगी। तीसरी लहर में बच्चों के लिए वैक्सीनेशन नहीं है इस बारे में भी एक विषय बनाया जा रहा है। जिसमें कि बच्चों और माता-पिता को कोरोना से कैसे बचाया जा सके इसकी जानकारी दी जाएगी।
(Photo Credit : Twitter/@dhanishsayswhat)
तीसरे लहर की तैयारी शुरू कर दी
इस बारे में एम थेन्नाराशन ने बताया कि फिलहाल जिस तरह से काम चल रहा है वह सिस्टम जारी रहेगा। इसके साथ ही पीडियाट्रिक के साथ मिलकर प्लानिंग भी की जाएगी। ऑक्सीजन की कैपेसिटी बढ़ाने के साथ ही मॉनिटरिंग सिस्टम और मेन पावर भी बढ़ाया जाएगा। शहर में प्रथम लहर के दौरान जिन लोगों को जिन लोगों को सुपरट्रेडर माना जाता था उनके लिए नियमित जांच के बाद कार्ड बनाया गया था। जांच के बाद कार्ड में एंट्री की जाती है जांच में जो लोग संक्रमित नहीं पाए जाएंगे उन्हें ही दुकानें शुरू रखने की छूट दी जाएगी। यह कार्ड साग भाजी, किराने की दुकान, मेडिकल स्टोर सहित जो लोग ज्यादा संपर्क में आते हैं उन्हें दिया जाएगा।

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