सूरत : इलेक्ट्रिक वाहन खरीदारों के रजिस्ट्रेशन में लापरवाही बरतने वाले डीलरों के खिलाफ सख्त हुआ आरटीओ

इलेक्ट्रिक वाहन डीलरों को सरकार की चेतावनी

यदि इलेक्ट्रिक वाहन की बिक्री के 48 घंटे के भीतर पंजीकरण नहीं कराया जाता है, तो प्रमाण पत्र निलंबित कर दिया जाएगा

सूरत में बहुत कम समय में 2000 से अधिक इलेक्ट्रिक टू व्हीलर, थ्री व्हीलर और फोर व्हीलर वाहनों की बिक्री के बावजूद, राज्य सरकार द्वारा ऐसे वाहनों की खरीद के लिए घोषित सब्सिडी को वाहन मालिकों के खाते में जमा नहीं किया गया है। सूरत के इन्चार्ज आरटीओ हार्दिक पटेल को शिकायत मिलने के बाद उन्होंने  शुक्रवार को शहर के वाहन डीलरों की बैठक बुलाकर 48 घंटे के भीतर वाहनों का पंजीकरण कर सब्सिडी के लिए ऑनलाइन आवेदन अपलोड करने का निर्देश दिया। यदि डीलर इलेक्ट्रिक वाहन खरीदने वाले ग्राहकों को सब्सिडी दिलानेे में विफल रहते हैं तो उनका ट्रेड सर्टिफिकेट  30 दिनों के लिए निलंबित कर दिया जाएगा। 
इलेक्ट्रिक वाहन की बिक्री के 48 घंटे के भीतर पंजीकरण नहीं कराने पर डीलर का ट्रेड सर्टिफिकेट निलंबित किया जा सकता है। इलेक्ट्रिक वाहन खरीदारों को ऑनलाइन पंजीकृत किया जाता है और खाते में सब्सिडी दी जाती है। रजिस्ट्रेशन नहीं होने से कई लोगों को सब्सिडी नहीं मिलती है। पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों और इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए केंद्र और राज्य सरकारों द्वारा दी जा रही सब्सिडी के कारण पिछले कुछ महीनों से ई-वाहनों की मांग बढ़ रही है। हाल ही में, राज्य सरकार ने पर्यावरण के अनुकूल वाहनों को बढ़ावा देने के लिए एक ई-वाहन नीति की घोषणा की। जिसमें इलेक्ट्रिक वाहनों की खरीद पर सब्सिडी की घोषणा की गई है, जिससे राज्य के सूरत में सबसे ज्यादा ई-वाहन बेचे गए हैं। इलेक्ट्रिक व्हीकल पॉलिसी-2021 के तहत सब्सिडी पाने के लिए आवेदक को डिजिटल गुजरात पर आवेदन करना होगा। परिवहन आयुक्त ने स्पष्ट किया कि सब्सिडी सीधे आवेदक के खाते में ट्रांसफर की जाती है।
गुजरात राज्य इलेक्ट्रिक वाहन नीति-2021 की घोषणा की गई। जिसके तहत 1 जुलाई 2021 से प्रदेश में पंजीकृत इलेक्ट्रिक वाहनों के खरीददारों को सब्सिडी दी जा रही है। आवेदक को गुजरात सरकार के डिजिटल गुजरात प्लेटफॉर्म (डब्ल्यूडब्ल्यडब्ल्य.डीजीटलगुजरात.जीओवी.इन) पर पंजीकरण करना होगा और ऑनलाइन आवेदन करना होगा। डीलरों को वाहन पंजीकरण संख्या, वाहन मालिक का मोबाइल नंबर और बैंक खाता नंबर और आईएफएससी कोड का  विवरण ऑनलाइन अपलोड करना होगा। ऐसा नहीं होने से कई वाहन मालिकों को सब्सिडी नहीं मिली है। सभी डीलरों की एक आपातकालीन बैठक शुक्रवार को बुलाई गई और कार्रवाई करने की धमकी दी गई।

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