सूरत : अब कपड़ों की कीमत में भी होगी बढ़ोतरी, टेक्सटाइल उद्योग के लिए जीएसटी दर में भी इजाफा

कपड़ा व्यापारी और मेन्युफेक्चर्स सरकार के खिलाफ विरोध के मूड में

अब नए कपड़े पहनना भी महंगा होगा। कॉमर्स मंत्रालय ने टेक्सटाइल उद्योग के लिए जीएसटी की दर 5 फीसदी से बढ़ाकर 12 फीसदी करने का फैसला किया है। तैयार कपड़ा पर एक साथ और 7 प्रतिशत जीएसटी बढ़ाने से सरकार को और 40 हजार करोड़ टेक्स की आय होगी। लेकिन दूसरी ओर गरीबों को नए कपड़े खरीदने के लिए 10 फीसदी अधिक भुगतान करना पड़ेगा।
छोटे व्यापारी को 12 की जगह 13.2 प्रतिशत जीएसटी चुकाना पड़ेगा। तो दूसरी ओर टेक्सटाइल उद्योग पर जीएसटी बढ़ाने की जानकारी होने से बड़े व्यापारी ने स्टॉक रखा है। वहीं अन्य छोटे व्यापारी कपड़ों पर 12 फीसदी जीएसटी लगाने के फैसले का विरोध कर रहे हैं। कपड़ा व्यापारी और मेन्युफेक्चर्स सरकार के खिलाफ विरोध के मूड में दिख रहे हैं। विशेष रूप से सूरत शहर में 25 वीविंग संगठनों ने प्रधान मंत्री मोदी और केंद्रीय वाणिज्य मंत्रालय को जीएसटी दर में वृद्धि नहीं करने के लिए गुहार लगाएंगे और अगर सरकार द्वारा जीएसटी दर को वापस नहीं लिया जाता है, तो आंदोलन का रूख अपनाने का इशारा दिया है।
उल्लेखनीय है कि महंगाई का असर आम आदमी पर पड़ रहा है। ऐस अब कपड़ों के दाम और बढ़ेंगे, जिससे आम लोगों के बजट पर बोझ बढ़ेगा। हालांकि कपड़ा उद्योग में जीएसटी दरों में बढ़ोतरी को लेकर उद्योगपतियों में खासी नाराजगी है। लेकिन देखना होगा कि इस फैसले का उद्यमियों और आम जनता पर क्या असर पड़ेगा।

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