सूरत: अस्पताल में नहीं रही जगह तो दुकान में बेड डाल शुरू किया इलाज

प्रतिकात्मक तस्वीर (Photo : IANS)

सरे आम उड़ रही हैं नियमों की धज्जियाँ, बिना मास्क और किट के चल रहा है दुकानी अस्पताल

शहर में कोरोना संक्रमित मामलों की संख्या बड़ी तेजी से बढ़ रही हैं। शहर में पिछले हफ्ते प्रतिदिन औसतन 2000 से अधिक मामले सामने आए। हालात ऐसे हो चुके हैं कि शहर के लगभग सारे अस्पताल मरीजों से भरे पड़े हैं। साथ ही अस्पतालों में बिस्तर, दवाइयों, ऑक्सीजन और अन्य आवश्यक चीजों की भारी कमी देखी जा रही है। ऐसे में अस्पताल की कमी को पूरा करने के लिए कम्युनिटी आइसोलेशन सेंटर शुरू किया गया है लेकिन यह आइसोलेशन सेंटर भी जल्द ही मरीजों से भर गया। ऐसे में अस्पताल प्रशासन आसपास की दुकानों में बेड लगाकर मरीजों का इलाज कर रही है। हैरानी की बात है कि आसपास की दुकानों में मरीजों का इलाज बिना पीपीई किट के ही चल रहा है।
आपको बता दें राज्य भर में कोरोना संक्रमित मामलों की संख्या तूफानी रफ़्तार से बढ़ रही है। ऐसे में सूरत और अहमदाबाद के हालात सबसे अधिक गंभीर हैं। सूरत में सिविल अस्पताल और स्मीमेर अस्पताल पूरी तरीके से भर चुके हैं, जबकि निजी अस्पतालों में इलाज के नाम पर मरीजों को लूटा जा रहा है। ऐसी परिस्थिति में कई अस्पतालों के अधिकारियों ने बेड और जगह की कमी को देखते हुए आसपास की दुकानों में ही बेड लगा मरीजों का इलाज शुरू कर दिया है। हालांकि इससे इलाज के बदले समस्या ही बढ़ रही हैं।
जानकारी के अनुसार मोटा वराछा के सुदामा चौक विस्तार में स्थित एक निजी अस्पताल में मरीजों से इलाज के नाम पर भारी रकम वसूलते हुए पास के खाली दुकान में बेड लगा कर दुकानी अस्पताल शुरू कर दिया गया। इस दुकानी अस्पताल में परिजनों और अन्य लोगों को बिना रोक-टोक आने जाने की अनुमति दे दी गई है। साथ ही वहां के मरीजों का इलाज बिना किट या बिना किसी मास्क के हो रहा है। साथ ही अन्य नियमों के साथ-साथ सोशल डिस्टेंसिंग का भी धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। अब यह देखना है कि मामला सामने आने पर प्रशासन क्या कार्यवाही करती हैं।

इन टॉपिक्स पर और पढ़ें:


ये भी पढ़ें