सूरत : दुर्घटनाग्रस्त सुरक्षागार्ड के मरने पर परिवार ने किया अंगदान, एक साथ चार लोगों को मिली नई जिंदगी

(Photo Credit : gujarati.news18.com)

महज 80 मिनट में सूरत से अहमदाबाद पहुंचा शैलेश का हृदय, 22 वर्षीय व्यक्ति को मिला नया जीवन

दानवीर कर्णभूमि के नाम से प्रसिद्ध सूरत के लोग किसी भी आपदा में दान देने में सबसे आगे हैं। इसी क्रम में सूरत अंगदान में भी सबसे आगे है। कई लोगों ने मरते समय अपना अंगदान कर कई लोगों की जान बचाई है। ऐसा ही बड़ा काम एक सुरक्षाकर्मी ने किया और मरते समय अपना दिल, किडनी और लीवर तक दान कर दिया। अपने इस महान काम से उन्होंने चार लोगों को जिंदा किया और समाज में मानवता की मिसाल पेश की।
 झारखंड के मूल निवासी और ओएनजीसी में सुरक्षा गार्ड शैलेश हरिहर सिंह के परिवार ने चार लोगों को पुनर्जीवित करने और समाज को एक नई दिशा दिखाने के लिए दिल, किडनी और लीवर दान किया। शैलेश सिंह को सूरत के नए सिविल अस्पताल में और बाद में सनशाइन ग्लोबल अस्पताल में 9 जुलाई को एक सड़क दुर्घटना में मस्तिष्क की गंभीर चोट के साथ भर्ती कराया गया था।
आपको बता दें कि कुछ दिनों के इलाज के बाद 16 जुलाई को डॉक्टरों ने उन्हें ब्रेन डेड घोषित कर दिया और उनकी पत्नी सीमा और उनके भाइयों ने शैलेश सिंह के अंगों को दान करने का फैसला किया। डोनेट लाइफ के जरिए शैलेश सिंह का दिल, दो किडनी और एक लीवर डोनेट किया गया। जिसके जरिए चार जरूरतमंद मरीजों को बचाया जा सका। जाम खंभालिया निवासी 22 वर्षीय एक व्यक्ति का अहमदाबाद के सिम्स अस्पताल में सूरत से अहमदाबाद तक 285 किमी की दूरी पर हृदय प्रत्यारोपण हुआ। यह  युवक पिछले दो साल से दिल की बीमारी से जूझ रहा है और पिछले तीन महीनों में उसके दिल की पंपिंग 5 फीसदी से बढ़कर 10 फीसदी हो गई है, जिसका इलाज अहमदाबाद के डॉक्टरों की टीम ने किया है। जबकि डोनेशन में मिली दो किडनी में से एक किडनी ट्रांसप्लांट अहमदाबाद में और दूसरा किडनी ट्रांसप्लांट के।डी। अहमदाबाद में किया गया।
आपको बता दें कि अहमदाबाद में हार्ट, किडनी और लीवर को समय पर पहुंचाने के लिए दो ग्रीन कॉरिडोर बनाए गए। पिछले डेढ़ महीने में, सूरत के डोनेट लाइफ ने छह ब्रेनडेड व्यक्तियों के परिवारों को सहयोग से 3 दिल, 2 फेफड़े, 12 किडनी, 6 लीवर और 8 आंखों सहित कुल 31 अंग दान किए हैं। सूरत और दक्षिण गुजरात से 394 किडनी, 163 लीवर, 8 अग्न्याशय, 34 दिल, 14 फेफड़े और 294 आंखें मिला कर कुल 905 अंग दान किये गये। जिससे 833 व्यक्तियों को नया जीवन और नई दृष्टि देने में सफलता मिली है।

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