सूरतः कोरोना ने पिछले एक वर्ष में प्रदर्शनी क्षेत्र से जुड़े 30,000 से अधिक लोगों की नौकरियां छीनी

प्रतिकारात्मक तस्वीर

इवेन्ट रद्द होने से प्रदर्शकों सहित व्यवसाय में जुड़े अन्य लोगों की कमाई भी बंद हो जाती है

कोविड ने अधिकांश व्यवसायों को प्रभावित किया है। तभी हर उद्योग में समस्या आ रही है। जिसमें लाइफ स्टाइल एक्जीबिटर्स की हालत भी विकट होती जा रही है। पिछले 1 साल से लाइफ स्टाइल एक्जीबिशन लगभग बंद समान है और आय शून्य हो गया है। इसमें भी  पिछले साल प्रदर्शनी के लिए जमा की गई राशि भी  वापस नहीं हुई। 
फरवरी में जब कोरोना का मामला कम हुआ तो प्रदर्शनी आयोजित करने की कोशिश की गई लेकिन उसमें नुकशान हुआ।  यदि किसी कारण से ईवेंट रद्द हो जाता है, तो अग्रिम धनवापसी होने का जोखिम होता है। अगर प्रदर्शनी लगी रहती है, तो भी लोगों का आवागमन कम होता, जिससे भाड़ा निकलना भी मुश्किल हो जाता है। यदि छोटा जगह रखा जाये तो लोग आधा किराया देने लगते हैं।  जो इवेन्ट आर्गनाइजर को पोसाता नहीं। 
प्रदर्शनी के आयोजक अमित बिसानी का कहना है कि कम किराए पर भी ग्राहक नुकसान में हैं
आयोजक अमित बिसानी ने कहा कि मैं पिछले 10 वर्षों से लाइफ स्टाइल एक्जीबिशन कर रहा हूं। पिछले डेढ़ साल से कोई कारोबार नहीं हुआ है, आय बंद है। ग्राहक अब भी नहीं आते हैं। इसलिए, प्रदर्शनी का सफल होना संभव नहीं है। हमारे पास फरवरी में एक प्रदर्शनी थी, फिर मार्च में स्थानांतरित हुई। लेकिन मार्च में भी यह संभव नहीं हो सका। जिससे इसमें भी नुकसान ही हुआ।  वेतन नहीं दे पाने के कारण वर्तमान में टीम का स्टाफ भी शून्य है।
एक्जीबिशन आर्गनाइजर ऑर्नब मोइत्रा ने कहा कि मैं 8 साल से वीकेंड विंडो लाइफस्टाइल प्रदर्शनी का आयोजन कर रहा हूं। शहर में 30,000 से अधिक एक्जीबिटर्स  हैं जो केवल प्रदर्शनियों के माध्यम से कमाते थे। प्रदर्शनी बंद होने के बाद से हॉल, लाइटिंग, इवेंट का हर व्यवसाय बंद हो गया है। हम अलग-अलग लोगों को जो एडवांस दिये थे वह भी वापस नहीं ले सकते। साथ ही एक प्रदर्शनी के पीछे एक से डेढ़ महीने की मेहनत भी बेकार गई।
एक्जीबिशन आर्गनाइजर डेनी निर्बान ने कहा कि अगस्त में एक बड़ी प्रदर्शनी की योजना थी। जो अब संभव नहीं है। स्थानीय और अंतर्राष्ट्रीय सभी प्रदर्शकों ने मना कर दिया। इसके अलावा, मेरी कई प्रदर्शनियों को अब तक रद्द कर दिया गया है। जमा राशि का भुगतान करने वालों को वापस कर दिया गया है। अगर कोई प्रदर्शनी रद्द की जाती है, तो 40 लाख रुपये से 50 लाख रुपये का नुकसान होता है। यदि  छोटा है, तो भी पांच लाख का नुकसान होता है।

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