सूरत : आनलाइन रेडीमेड कपड़े में कलर-डिजाईन तो मिलते हैं,लेकिन परफेक्ट नहीं होते

दयानंद राम चंद्रवंशी

कोरोना के बाद अभी भी व्यापार मे वह सुधार नहीं हुआ है जो होना चाहिए

सूरत के डिंडोली विस्तार स्थित 32 उमिया नगर-2 में कृष्णा टेलरिंग कार्नर के नाम से रेडीमेड व्यवसाय से जुड़े दयानंद राम चंद्रवंशी ने बताते हुए कहा कि पहले सिलाई से अपना कैरियर की शुरुआत की थी। इस व्यवसाय में पिछले 20 वर्षों से जुड़ा हुआ हूं। कोरोना से पहले हमारा व्यवसाय बहुत अच्छा था। कोरोना में सब बंद होने से बिल्कुल ही व्यापार ही नहीं था। लेकिन कोरोना के बाद अभी भी व्यापार मे वह सुधार नहीं हुआ है जो होना चाहिए। 

रेडीमेड का आनलाइन व्यापार बहुत नहीं रहने वाला है

ऑनलाइन के व्यापार के बारे में बताते हुए दयाराम ने कहा कि ऑनलाइन से जो भी ग्राहक कपड़े मंगवाते हैं, वह फिट न होने उसे छोटा -बड़ा करने को लेकर टेलर के पास जाते हैं। ऐसे काम मेरे पास भी आते हैं। ग्राहक जब कपड़े लेकर हमारे पास आते हैं तो अपने को ठगा हुआ महसूस करता है। ऑनलाइन से खरीदे गये गये कपड़े एकदम परफेक्ट नहीं मिल पाते। जिससे रेडीमेड का आनलाइन व्यापार बहुत नहीं रहने वाला है। 

महंगाई की मार झेल रहे लोग बहुत सोच समझकर खरीदी कर रहे हैं

वर्तमान परिस्थिति के बारे में बताते हुए दयानंद भाई ने कहा कि  महंगाई की मार झेल रहे लोग बहुत सोच समझकर खरीदी कर रहे हैं। इसलिए आगामी दिनों में ग्राहकी के आसार बहुत कम है, हालांकि मिला जुला व्यापार रहेगा। जहां लोग पसंद आने पर एक की जगह दो कपड़े खरीद लेते थे। आज अपने जरूरत के अनुसार यानी जितने में काम चल जाए उतना ही कपड़ा खरीद रहे हैं। ग्राहक आते हैं तो बताते हैं कि 2 माह का पगार था 1 महीने का दिया गया है। छुट्टी भी समय से पहले हो जाती है, जिससे यहां रहने की बजाय गांव चले जाते है। इस विस्तार में रहने वाले लोगों से संबंधित व्यापार भी बहुत अच्छा नहीं है, जिससे कुल मिलाकर व्यापार सामान्य बना रहेगा।

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