सूरत : ऑक्सीज़न की कमी से छुटकारा पाने के लिए सिविल अस्पताल ने निकाला ये उपाय

एक दिन में 100 मरीजों के लिए उत्पन्न किया जा रहा है हवा में से ऑक्सीज़न

कोरोना वायरस की दूसरी लहर में मरीजों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। मरीजों की वजह से सरकारी और निजी अस्पतालों में सभी बेड फुल हो गए हैं और ऑक्सीजन की कमी भी हो रही है। ऐसे में सूरत शहर की नई सिविल अस्पताल में हर दिन पर 50 से 55 टन ऑक्सीजन का दैनिक उपयोग हो रहा है। बढ़ती हुई ऑक्सीजन की मांग को देखते हुए सिविल अस्पताल ने एक नई तकनीक का इजात किया है। जिसकी वजह से एक बार में 100 कोरोना मरीजों को फायदा दिया जा सकता है। 
केंद्र सरकार द्वारा देश के अलग-अलग राज्यों में जन स्वास्थ्य केंद्र पर 162 स्विंग समायोजन संयंत्र को मंजूरी दी गई है। जिसके अंतर्गत सिविल परिसर में नर्सिंग कॉलेज और सेंट्रल मेडिकल स्टोर के पास प्लांट तैयार किया गया है। जो 24 घंटे में कुदरती हवा में से दो से तीन टन मेडिकल ऑक्सीजन तैयार कर देता है। यह ऑक्सीजन सीधा वोर्ड में दाखिल मरीजों को दिया जा रहा है। सरकारी मेडिकल कॉलेज के सर्जरी विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर हॉस्पिटल के डॉक्टर निमेष वर्मा ने बताया कि 3 से 4 महीने पहले केंद्र सरकार के द्वारा दिए गए निर्देश के अनुसार यह प्लांट तैयार किया गया है।
नई मशीन किस तरह काम करती है इसके बारे में विस्तार से बताते हुए डॉक्टर वर्मा ने बताया कि इस प्लांट में प्राकृतिक हवा के प्रेशर से टेंक भर जाता है। जिसके बाद उसमें से अलग-अलग तत्वो को अलग करने के लिए फिल्टर किया जाता है। इसके बाद प्योर ऑक्सीजन को अलग कर लिया जाता है और पाइप लाइन के द्वारा मरीजों तक पहुंचाया जाता है। 24 घंटे में हवा में तैयार हुए इस मेडिकल ऑक्सीजन से 100 मरीजों को फायदा दिया जा सकता है। जहां एक और देश में ऑक्सीजन की कमी सबके सामने ही है ऐसे में सिविल अस्पताल में लगाए गए नए प्लांट से आशा की एक किरण दिख रही है। इस प्लांट की सहायता से लिक्विड ऑक्सीज़न पर की निर्भरता भी कम की जा सकेगी। 

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